मुख्यमंत्री साय ने NEET विजेता जनजातीय छात्रों का बढ़ाया हौसला! बोले- एकलव्य की तरह लक्ष्य साधो, सफलता खुद कदम चूमेगी
CM साय ने एकलव्य स्कूलों के सफल छात्रों से किया संवाद, मेडिकल शिक्षा, छात्रवृत्ति, 5 नए मेडिकल कॉलेज और 24×7 नालंदा परिसर समेत कई बड़े ऐलान

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित ‘एकलव्य संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से NEET-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय है।
‘एकलव्य की तरह लक्ष्य साधिए, सफलता निश्चित मिलेगी’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एकलव्य का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर लक्ष्य हासिल करने की मिसाल है। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
उन्होंने छात्रों से कहा, “खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाइए।”
‘अच्छा डॉक्टर वही, जिसमें सेवा भाव और संवेदनशीलता हो’
मुख्यमंत्री ने मेडिकल क्षेत्र में सफल विद्यार्थियों से कहा कि डॉक्टर का पेशा केवल इलाज तक सीमित नहीं होता, बल्कि मरीज के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सेवा भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर का अपनापन ही मरीज को नई उम्मीद और मानसिक शक्ति देता है।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है।
- राज्य में अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
- 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं।
- मेडिकल शिक्षा की सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
- प्रदेश में IIT, IIIT, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसी उच्च शिक्षण संस्थाएं विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही हैं।
दिल्ली ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़कर 200
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय विद्यार्थियों के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। यहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और UPSC, NEET तथा इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि इसी हॉस्टल से इस वर्ष 13 विद्यार्थियों ने UPSC प्रारंभिक परीक्षा भी पास की है।
34 नालंदा परिसर और हिंदी में मेडिकल शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 34 नालंदा परिसर स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थी सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अब छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि भाषा किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की सफलता में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का भी किया जिक्र
विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रावास, शिक्षा या किसी भी सरकारी समस्या को विद्यार्थी सीधे इस हेल्पलाइन के माध्यम से सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
बस्तर में शिक्षा और विकास की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। बंद पड़े स्कूल दोबारा खोले जा रहे हैं और जगरगुंडा व ओरछा में आधुनिक एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके।
‘सरकार संसाधनों की कमी नहीं आने देगी’
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों से समाज सेवा, अनुशासित जीवन और उत्कृष्ट आचरण को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।


