रायगढ़ में सनसनी: नशीली चाय पिलाकर दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो बरामद—प्लांट सुपरवाइजर गिरफ्तार
धमकी, वीडियो और ब्लैकमेल का जाल… आखिर कैसे खुली पूरी साजिश?

रायगढ़। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्ती के बीच रायगढ़ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती से दुष्कर्म के आरोपी प्लांट कर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान पंकज गोपाल उर्फ पंकज यादव (32) के रूप में हुई है, जो पूंजीपथरा क्षेत्र स्थित एक ईंटा प्लांट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना पूंजीपथरा पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल से पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद हुआ है, जिसके बाद आईटी एक्ट की गंभीर धाराएं भी प्रकरण में जोड़ी गई हैं।
नशीली चाय और बेहोशी का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में 32 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान मजदूरी के काम के सिलसिले में उसकी पहचान आरोपी से हुई थी। आरोप है कि 20 मार्च 2025 की शाम आरोपी एक परिचित महिला के साथ उसके कमरे में आया और चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। पीड़िता के अनुसार, बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने आगे बताया कि अप्रैल 2025 में आरोपी फिर उसके कमरे में पहुंचा और शारीरिक संबंध बनाने के लिए धमकी देने लगा। भयभीत होकर वह अपने गांव लौट गई।
वीडियो बनाकर भेजा परिवार को?
मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि करीब एक माह पूर्व आरोपी ने उसके मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो निकालकर उसे और उसके परिजनों के नंबरों पर भेजना शुरू कर दिया। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी।
शिकायत के आधार पर थाना पूंजीपथरा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया। आरोपी के मोबाइल की जांच में आपत्तिजनक वीडियो मिलने पर आईटी एक्ट की धारा 66(डी) और 67(ए) भी जोड़ी गईं। मोबाइल जब्त कर लिया गया है।
घेराबंदी कर गिरफ्तारी, न्यायिक रिमांड
21 फरवरी 2026 को पुलिस ने पूंजीपथरा क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। विधिवत कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, उप निरीक्षक विजय एक्का सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में रायगढ़ पुलिस त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि भरोसे की आड़ में अपराध किस तरह अंजाम दिए जाते हैं—लेकिन अब डिजिटल सबूत ही आरोपी के खिलाफ सबसे बड़ा गवाह बन रहे हैं।

