क्राइमछत्तीसगढ़

नाबालिग को धमकाकर ऐंठे 14.5 लाख और 450 ग्राम सोना! ASI के बेटे समेत 4 गिरफ्तार, पुलिस जांच में बड़े खुलासे

बिलासपुर में ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला, चाकू दिखाकर धमकाने और करोड़ों की साजिश की भी जांच में जुटी पुलिस।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग को कथित रूप से धमकाकर 14 लाख 50 हजार रुपये नकद और करीब 450 ग्राम सोने के जेवरात वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आयुष यादव समेत चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

नाबालिग को डराकर वसूले लाखों रुपये

पुलिस के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के एक बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पोती को कुछ युवक लगातार डरा-धमका रहे थे। आरोप है कि मानसिक दबाव बनाकर आरोपियों ने एटीएम, फोन-पे और अन्य माध्यमों से करीब 14.50 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए।

इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने नाबालिग को भयभीत कर घर में रखे करीब 450 ग्राम सोने के जेवरात भी अपने पास ले लिए।

छोटी बहन को भी दी जान से मारने की धमकी

परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने परिवार की छोटी पोती को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकंडा पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

अचानक बढ़े खर्च से मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक अचानक बड़ी मात्रा में पैसे खर्च कर रहे हैं। इसी आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद मामले से जुड़े अहम तथ्य सामने आए।

ASI के बेटे समेत चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—

  • आयुष यादव (22 वर्ष), निवासी विवेकानंद नगर, मोपका
  • आदर्श शर्मा (19 वर्ष), निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई
  • प्रिंस साहू (18 वर्ष), निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई
  • आदित्य पांडे (19 वर्ष), निवासी आरके नगर, सरकंडा

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आयुष यादव के पिता धर्मेंद्र यादव पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं।

गैंग बनाकर वारदात करने का आरोप

प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से भी कुछ शिकायतें सामने आ चुकी हैं। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर गैंग बनाकर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों को अंजाम देता था।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

अन्य आरोपियों और पुरानी वारदातों की भी जांच

पुलिस का कहना है कि मामले में पूछताछ जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है तथा क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई धमकी, ब्लैकमेलिंग या अवैध वसूली का शिकार होता है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

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