दरअसल, ग्राम करूमौहा में जयाप्रसाद यादव का परिवार रहता है। बेटी अंजू यादव की बीते कुछ दिनों से तबियत खराब चल रही है। उसके इलाज के लिए बुधवार को मेडिकल कालेज अस्पताल लाया गया। अंजू का चार माह का बेटा भी है, जिसके देखभाल के लिए नानी हीराबाई यादव भी अस्पताल में रहती है। अस्पताल में एक अनजान लड़की भी आना-जाना करती थी और बच्चे के साथ खेलती थी। उसने परिजनों से भी घनिष्ठ कर रखी थी, लिहाजा बच्चे के साथ खेलने में कोई आपत्ति नहीं करते थे।
कल गुरुवार की दोपहर बच्चे की नानी हीराबाई भोजन करने बैठी, इस वक्त बालिका भी अस्पताल में मौजूद थी। बच्चे की नानी ने निश्चिंत होकर उसे बच्चे को थमा दिया और भोजन करने लगी। भोजन करने के बाद उन्होंने देखा कि किशोरी वहां नहीं थी, ना ही बच्चा था। शुरू में तो उन्हें लगा कि किशोरी आस-पास ही कहीं बच्चे को घुमा रही होगी। देर तक उसके वापस ना आने पर उन्होंने किशोरी की तलाश शुरू की पर वह नहीं मिली।
बच्चा गायब होने की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई। बच्चा चोरी होने की सूचना पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। कैमरों में बालिका बच्चे को ले जाते हुए दिख रही है।
ज्ञातव्य है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल पूरी तरह सीसीटीवी कैमरो से लैस है। सीसीटीवी में किशोरी बच्चे को लेकर जाते हुए दिख गई। उसके हुलिए के आधार पर पुलिस किशोरी की पता तलाश कर रही है। बच्चे के गायब होने से उसकी मां अंजू का बुरा हाल है,वही घटना के 24 घंटे तक बच्चे और उसे ले जाने वाली किशोरी का कोई पता नहीं लग पाया है।