छत्तीसगढ़

कोरबा: महिला डॉक्टर को मितानिन ने जड़ दिया थप्पड़, प्रसव कक्ष में वीडियो बनाए जाने पर हुआ विवाद

कोरबा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला डॉक्टर से मारपीट का मामला सामने आया है. इस कृत्य को किसी और ने नहीं बल्कि विभाग से जुड़ी मितानिन ने अंजाम दी है. दरअसल, मितानिन गर्भवती महिला को लेकर प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची थी. प्रसव के थोड़ी ही देर बाद वह सीधे प्रसव कक्ष के भीतर जा पहुंची. वहीं किसी बात से खफा मितानिन ने मोबाइल पर वीडियो बनाना शुरू कर दिया. जिसे डॉक्टर ने मना किया तो आग बबूला हो गई और मारपीट की. मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की गई है. जिसपर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है.

मिली जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम कुदुरमाल में रहने वाली गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुआ. जिसे लेकर गांव की मितानिन प्रसव कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची. इस दौरान ड्यूटी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को प्रसव कक्ष में दाखिल कर लिया. जहां कुछ समय बाद महिला चिकित्सक के देखरेख में प्रसुता ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दी. महिला चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी प्रसव कक्ष में जच्चा-बच्चा का निरीक्षण में लगे हुए थे. इस बीच मितानिन भी सीधे लेबर रूम के भीतर पहुंच गई. जहां वह किसी बात को लेकर नाराज हो गई. उसने नाराजगी में अपने मोबाइल से प्रसव कक्ष के भीतर ही वीडियो बनाना शुरू कर दिया. महिला चिकित्सक ने मितानिन जैसे पद पर कार्य करने वाली महिला के इस करतूत पर एतराज जताई और वीडियो बनाने से मना किया. यह बात मितानिन को नागवार गुजरी और महिला डॉक्टर से मारपीट शुरू कर दी. इस बीच आपाधापी में मितानिन का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त हो गया.

प्रसव कक्ष के भीतर मौजूद महिला कर्मियों ने किसी तरह बीच बचाव कर मामला शांत कराया. मामले से आला अफसरों को अवगत कराया गया. महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना को प्रबंधन ने गंभीरता से लिया. प्रबंधन की ओर से मामले की शिकायत सिविल लाइन रामपुर पुलिस में की गई. सोमवार को रामपुर पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची. पुलिस ने प्रसुता के अलावा घटना के वक्त मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं का बयान दर्ज कर लिया है. मामले में पुलिस की विवेचना जारी है.

परिजनों की अनुपस्थिति में मिलेगी मितानिनों को प्रवेश

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. अविनाश मेश्राम ने चिकित्सकों की बैठक ली. बैठक में उपस्थित चिकित्सकों ने इलाज के दौरान नियमों की अनदेखी से होने वाली परेशानी से अवगत कराया. उनसे रूबरू होने के बाद प्रसव कक्ष सहित प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. अब नियमानुसार प्रसव कक्ष में प्रसुता के एक महिला परिजन ही जा सकते हैं. उनकी गैर मौजूदगी में ही मितानिनों को भीतर प्रवेश दिया जाएगा.

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