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आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होंगे परमानेंट! इतनी होगी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी, बजट से पहले सामने आई बड़ी जानकारी

नई दिल्‍ली: Anganwadi Asha Workers will Permanent?  देश में तीसरी बार नरेंद्र मोदी की सरकार बन चुकी है और संसद में सांसदों के शपथ ग्रहण का दौर जारी है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट जुलाई में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि जुलाई में पेश होने वाले बजट में सरकार गांव, गरीब किसान और कर्मचारियों से लेकर हर वर्ग को सौगात दे सकती है। दूसरी ओर बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगल-अलग विभागों के साथ बैठक कर रहीं हैं। बैठक की इस कड़ी में निर्मला सीतारमण ने व्‍यापारिक और श्रमिक संगठनों के साथ प्री-बजट मीटिंग की।

बैठक के दौरान संगठनों ने कहा है कि मिनिमम वेज को मौजूदा 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 26 हजार कर दिया जाए। बढ़ती महंगाई और जीवन यापन करने की लागत को देखते हुए यह मांग की गई है। इसके अलावा महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्‍ट (MGNREGA) के तहत साल में काम करने के दिन को भी बढ़ाने की मांग की है। अभी मनरेगा के तहत साल में 100 दिन काम देने की गारंटी मिलती है। इसे बढ़ाकर 200 दिन करने की मांग है, ताकि दिहाड़ी मजदूरों को पैसा कमाने का ज्‍यादा मौका मिल सके।

वहीं, कुछ संगठनों ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाने वाली आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पैरा टीचर्स को नियमित किए जाने की मांग उठाई। संगठनों की मांग के बाद ये माना जा रहा है कि इन कार्यकर्ताओं को स्थाई किए जाने के साथ-साथ पेंशन देने का भी प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा केंद्र की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की फंडिंग बढ़ाने की भी मांग की गई है।

बैठक में संगठनों ने देश के किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए सभी फसलों पर एमएसपी लागू करने और डॉ एमएस स्‍वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की है। इसमें किसानों से सरकारी खरीद की गारंटी देने सहित उनके लिए सामाजिक सुरक्षा फंड तैयार करने की भी मांग की गई है।

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