दिल्ली के स्कूलों की फीस बढ़ने पर AAP का दिल्ली सरकार पर निशाना, मनीष सिसोदिया ने की CBI जांच की मांग

आम आदमी पार्टी(AAP) ने बिजली कटौती के बाद प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि के मुद्दे पर दिल्ली की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है. पार्टी का कहना है कि भाजपा के शासन में प्राइवेट स्कूलों ने अपनी फीस में वृद्धि की है. आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया(Manish Sisodiya) ने इसे जनता के साथ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह सब भाजपा सरकार की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है. इसके साथ ही, उन्होंने इस मामले की CBI जांच की मांग की है और यह सवाल उठाया है कि प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ने के बाद दिल्ली के मंत्रियों को कितना लाभ हो रहा है.
मनीष सिसोदिया ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिल्ली में भाजपा सरकार के आने के बाद मोहल्ला क्लिनिक बंद हो गए हैं और अस्पतालों में दवाओं की कमी हो गई है. टेस्टिंग भी रुक गई है, और भाजपा लगातार लोगों को परेशान करने के लिए नए तरीके अपना रही है, जिसमें बिजली कटौती भी शामिल है. इसके अलावा, प्राइवेट स्कूलों ने मनमाने ढंग से फीस बढ़ाना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि जब वह मंत्री बने थे, तब उन्होंने इस पर नियंत्रण लगाया था और सुनिश्चित किया था कि कोई भी स्कूल बिना कारण फीस नहीं बढ़ा सके. उन्होंने यह भी बताया कि कई स्कूल उनके खिलाफ कोर्ट गए, लेकिन सरकार ने उन मुकदमों में जीत हासिल की.
दिल्ली में सत्ता संभाले अभी दो महीने भी नहीं हुए और बीजेपी ने शिक्षा माफिया को खुला मैदान दे दिया है।
हजारों माता-पिता आज अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं।बीजेपी ने प्राइवेट स्कूलों को बेलगाम कर दिया है।
फीस बढ़ाने की खुली छूट दे दी गई है — और कुछ स्कूलों ने तो… https://t.co/rAkcRqa1gH— Manish Sisodia (@msisodia) April 4, 2025
ग्रेटर कैलाश से विधायक आतिशी और पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर टिप्पणी की, “जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में थी, तब किसी भी स्कूल संचालक को फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं थी. एक समय ऐसा भी आया जब दिल्ली के निजी स्कूलों को अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करनी पड़ी थी, क्योंकि उस समय शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली सरकार थी. अब बीजेपी की सरकार है, और निजी स्कूल बिना किसी नियंत्रण के फीस बढ़ा रहे हैं.”
क्या BJP शिकायत करने वालों को भी जेल भेजेगी?
आतिशी ने अपने एक पोस्ट में यह आरोप लगाया है कि बीजेपी के कुछ पदाधिकारी भी इस मामले की शिकायत कर रहे हैं. क्या उन पर भी जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी? क्या फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर शिकायत करने वालों को बीजेपी के मीडिया सेल द्वारा जेल में डालने की धमकी दी जाएगी?
Massive fees hikes in private schools in Delhi after BJP came to power.
Comparing fee structure of one school – Lancer’s Convent – one can see more than a 30% fee increase.
Very clear that the BJP govt is hand-in-glove with private schools#BJPWithEducationMafia pic.twitter.com/Y1b4FbSBQ8
— Atishi (@AtishiAAP) April 4, 2025
BJP मिडिल क्लास की तबाही लेकर आई – आतिशी
उन्होंने उल्लेख किया है कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने एक दशक तक निजी स्कूलों की मनमानी पर नियंत्रण रखा था. लेकिन जब से दिल्ली में “विपदा” सरकार का आगमन हुआ, तब से मिडिल क्लास के लिए संकट उत्पन्न हो गया है. केवल दो महीनों में, दिल्ली में शिक्षा माफिया फिर से सक्रिय हो गया है, और निजी स्कूलों ने अपनी फीस में 20 से 80 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है.
फीस बढ़ाने की दी खुली छूट!
आतिशी ने बीजेपी सरकार से सवाल उठाया है कि क्या उसने प्राइवेट स्कूलों पर नियंत्रण लगाने के बजाय उन्हें लूट की स्वतंत्रता दे दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को मनमानी फीस बढ़ाने की अनुमति मिल गई है, जिससे हर स्कूल 10 से 20 प्रतिशत तक फीस बढ़ा रहा है. यह सरकार और स्कूलों के बीच की मिलीभगत का संकेत है. केजरीवाल के समय में कोई भी स्कूल फीस बढ़ाने की हिम्मत नहीं कर पाता था.
किन-किन स्कूलों ने बढ़ाई फीस
मयूर विहार के सलवान पब्लिक स्कूल ने अपनी फीस में 18 प्रतिशत की वृद्धि की है.
रोहिणी सेक्टर 11 के हैप्पी होम पब्लिक स्कूल ने फीस में 15 से 20 प्रतिशत का इजाफा किया है.
विकासपुरी के ऑक्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने भी इसी तरह 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की है.
सेंट जेवियर्स स्कूल ने फीस में 5 से 15 प्रतिशत तक का बढ़ावा दिया है.
बिरला विद्या निकेतन स्कूल के एक छात्र के अभिभावक ने फीस बढ़ोतरी के खिलाफ शिकायत की है.
पीतमपुरा के सचदेवा पब्लिक स्कूल ने फीस को 6,850 से बढ़ाकर 8,540 कर दिया, जिससे फीस में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
डीएवी स्कूल दयानंद विहार के अभिभावकों ने भी फीस वृद्धि के संबंध में शिकायत की है.
सेंट कोलंबस स्कूल ने अपनी फीस में 3 हजार रुपये तक की वृद्धि की है.
डीपीएस वसंत कुंज ने बढ़ी हुई फीस का भुगतान न करने पर छात्रों और उनके अभिभावकों को चेतावनी दी है.
दिल्ली के कई अन्य स्कूल भी हैं, जिन्होंने फीस में वृद्धि कर अभिभावकों से जबरन वसूली की है.



