राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक शुरू, राजनीतिक दलों को दी जा रही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

भारत के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है. इस बैठक में सरकार की ओर से अमित शाह और किरेन रिजीजू उपस्थित हैं, जबकि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हैं. विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी बैठक में मौजूद हैं.
भारत के सैन्य बलों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत, पाक के कब्जे वाले कश्मीर (POK) और अन्य स्थानों पर नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सभी राजनीतिक दलों ने सेना के साहस और वीरता की सराहना की.
#WATCH | Centre holds all-party meeting to brief all political parties on #OperationSindoor pic.twitter.com/q96NZnhUY6
— ANI (@ANI) May 8, 2025
बैठक के लिए PM ने दिया खास संदेश
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सर्वदलीय बैठक में सरकार विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन की सभी जानकारियों से अवगत करा रही है और सेना की क्षमताओं के बारे में जानकारी साझा की जा रही है. इस समय सरकार ने विपक्षी नेताओं से एकजुट होने की अपील की है. सूत्रों ने यह भी बताया कि इस बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशेष संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि इस समय हर भारतीय नागरिक को एकजुट होने की आवश्यकता है.
#OperationSindoor has been successfully executed by the Indian Armed Forces. The government is very clear about it & Hon'ble PM Shri @narendramodi ji's intentions have already been known to the world. Hon'ble PM desires that in such a situation, we shouldn't be divided: Hon'ble… pic.twitter.com/VCJexE9ceN
— Office of Kiren Rijiju (@RijijuOffice) May 8, 2025
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से सर्वदलीय बैठक की जानकारी साझा की है. यह बैठक संसद पुस्तकालय भवन के समिति कक्ष जी-074 में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी. बैठक में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और किरेन रिजिजू शामिल होंगे, जबकि राजनाथ सिंह इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस अवसर पर सभी दलों को ऑपरेशन सिंदूर और भविष्य की तैयारियों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी.
कांग्रेस की मांग- बैठक में प्रधानमंत्री भी आएं
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक को लेकर कहा है कि इस बार प्रधानमंत्री को बैठक में शामिल होना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि 24 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री से अपील की गई थी, लेकिन वह उस समय बैठक में नहीं आए थे. जयराम रमेश ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे.
पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री को बैठक में शामिल होना चाहिए, ताकि यह संदेश जाए कि वे विपक्ष के सभी नेताओं के साथ मिलकर चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब देश एकजुट होकर बोलेगा, तो दुनिया को उसकी आवाज सुननी पड़ेगी. इसके अलावा, पवन खेड़ा ने पाकिस्तान के निर्दोष लोगों पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां गुरुद्वारों पर भी हमले हो रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच यही अंतर है; हम आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान हमारे निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है.
सर्वदलीय बैठक से एक दिन पहले कांग्रेस कार्य समिति की बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सेना के साहस को सराहा और कहा कि वे सेना और सरकार के साथ खड़े हैं. खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं हैं और हम सभी एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने चुना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम
पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुना. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें सभी मृतक पुरुष थे. इस घटना के मद्देनजर, मृतकों की पत्नियों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम उपयुक्त समझा गया. सरकार ने बताया कि लक्ष्यों को रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच निशाना बनाया गया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में स्थित ठिकानों पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने शामिल थे. प्रधानमंत्री मोदी ने रातभर अभियान की निगरानी की और बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में सशस्त्र बलों की सराहना की. सूत्रों के अनुसार, पहलगाम में नागरिकों की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए इस सैन्य अभियान का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखने का सुझाव प्रधानमंत्री का था, जो भारतीय परंपरा में विवाहित महिलाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले ‘सिंदूर’ से प्रेरित है.


