संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से, हंगामेदार होगा सत्र, ऑपरेशन सिंदूर पर होगी चर्चा और जस्टिस वर्मा के खिलाफ आएगा महाभियोग प्रस्ताव

Parliament Monsoon Session: मोदी सरकार (modi government) ने संसद के मानसून सत्र की तारिख का ऐलान कर दिया है। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा ,जो 12 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। मानसून सत्र के ऐलान के साथ ही मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष के विशेष सत्र बुलाने की मांग को खारिज कर दिया है। विपक्ष भारत-पाकिस्तान युद्ध में अचानक संघर्ष विराम और राफेल के गिरने के दावे को लेकर लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। मोदी सरकार 3.0 का एक साल पूरा होने के बाद यह पहला संसद सत्र होगा।
21 जुलाई को शुरू होने वाले मानसून सत्र में पाकिस्तान से लेकर ऑपरेशन सिंदूर, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और कई विधेयकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही मानसून सत्र काफी हंगामेदार होने की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर सरकार ने स्पेशल सेशन की मांग नहीं मानी तो मानसून सत्र में हंगामा होने के आसार हैं। सरकार ने कहा कि वह नियमों के तहत हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
किरेन रिजिजू ने कहा- सरकार नियमों के तहत सत्र में किसी भी विषय पर चर्चा को तैयार हैं। साथ ही बताया कि सत्र के दौरान जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश हो सकता है। रिजिजू ने बताया कि सत्र के दौरान ऑपरेशन सिन्दूर पर चर्चा होगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा, हर सत्र खास होता है और हम ऑपरेशन सिन्दूर सहित सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने आगे कहा, सरकार चाहती है कि सभी को साथ लिया जाए – हमने विपक्ष से संपर्क किया है और उम्मीद है कि हर कोई एकजुट रुख अपनाएगा।
प्रस्ताव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा गया
इधर संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी ने मॉनसून सत्र की तारीखों से संबंधित प्रस्ताव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में मॉनसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त के बीच बुलाने की बात है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस पहले सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। सरकार का कहना है कि संसद के आगामी मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष अगर नियमों के तहत चर्चा की मांग करता है, तो हम पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार हैं। आगामी सत्र के दौरान सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की भी तैयारी में है।
महाभियोग की कार्रवाई भी होगी पूरी
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान ही जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई भी पूरी हो जाएगी। महाभियोग का प्रस्ताव सत्र के पहले हफ्ते में ही लाने की तैयारी है। जब सरकार की तरफ से विपक्षी दलों से महाभियोग को लेकर बात की जा रही है तो विपक्ष के नेता जस्टिस यादव के महाभियोग को लेकर जो विपक्ष की तरफ से प्रस्ताव दिया गया उस पर भी सवाल पूछ रहे हैं, जिसपर सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि ये राज्यसभा के सभापति के पास लंबित है, वो इसपर फैसला करेंगे।
पिछले मानसून सत्र में 4 बिल पास हुए थे
बता दें कि 18वीं लोकसभा का पहला मानसून सत्र 22 जुलाई से 9 अगस्त 2024 तक चला था। पूरे सत्र में कुल 15 बैठकें हुईं, जो लगभग 115 घंटे तक चलीं थी। सत्र के दौरान सदन की प्रोडक्टिविटी 136% रही। इसी सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को सदन में केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश किया। इस पर कुल 27 घंटे और 19 मिनट तक चर्चा चली, जिसमें 181 सदस्यों ने भाग लिया। सत्र में कुल 65 प्राइवेट मेम्बर बिल भी पेश किए गए थे।


