पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे को सुप्रीम कोर्ट से झटका! चैतन्य की जमानत याचिका पर राहत से इनकार
शराब घोटाले में आरोपी चैतन्य बघेल को अब हाईकोर्ट का रुख करना होगा — ED का शिकंजा कसता जा रहा है

नई दिल्ली/रायपुर:
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है।
हालांकि कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया कि हाई कोर्ट इस याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई करे। इसके साथ ही PMLA की धारा 50 और 63 को चुनौती देने के लिए चैतन्य को अलग रिट याचिका दाखिल करने को कहा गया है।
⚖️ क्या है पूरा मामला?
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18 जुलाई को ED ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था।
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उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में 1000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई के प्रबंधन का आरोप है।
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16.70 करोड़ की अपराध की आय को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करने का दावा।
🔎 सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
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जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच में सुनवाई हुई।
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कपिल सिब्बल ने भूपेश बघेल की तरफ से बहस की और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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कहा गया, “चार्जशीट दाखिल है, फिर भी बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति गिरफ्तारी क्यों?”
🔐 चैतन्य बघेल अब न्यायिक हिरासत में
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उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
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ईडी का आरोप है कि चैतन्य ने अपराध की आय को ‘लीगल कवर’ देने के लिए निजी प्रोजेक्ट्स में लगाया।
📌 भूपेश बघेल की दो याचिकाएं भी लंबित
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गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग।
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PMLA की धारा 44 के कथित दुरुपयोग को चुनौती।



