UP की बदलती तस्वीर, 8 साल में 8 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, CM योगी ने दी जानकारी

CM Yogi Adityanath: लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की उपलब्धियों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब राज्य में रोजगार पाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है।
उन्होंने कहा कि पहले यूपी की नकारात्मक छवि थी। राज्य के युवाओं को कमतर समझा जाता था और बीमारू राज्य का टैग जुड़ा था। लेकिन अब उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तेजी से बढ़ता राज्य माना जाता है। इसके साथ ही, कौशल विकास और उद्योगों के क्षेत्र में भी बड़े सुधार हुए हैं। सीएम ने कहा कि सुरक्षा और निवेश का बढ़ता माहौल युवाओं और राज्य की समृद्धि दोनों के लिए अहम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में UPCSC द्वारा चयनित नए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी भर्तियों में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे केवल योग्य उम्मीदवार ही चयनित हुए हैं।
यूपी का नकारात्मक छवि बदल गई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ साल पहले यूपी की दो नकारात्मक छवियां जुड़ी थीं। एक, राज्य के युवाओं को बाहर के लोग कमतर समझते थे। और दूसरी, यूपी को बीमारू राज्य कहा जाता था। आज, उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और सबसे तेजी से बढ़ता राज्य माना जाता है।
नौकरी और निवेश का बढ़ता अवसर
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमने युवाओं के लिए साफ-सुथरा और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है। किसी को नौकरी पाने के लिए सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती। अब रोजगार का प्रवाह बढ़ा है।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सुरक्षित माहौल निवेश को बढ़ावा दे रहा है।
कौशल विकास और उद्योगों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास और औद्योगिक वृद्धि पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि 14 लाख युवाओं ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार पाया है। आठ साल पहले यहां उद्योगों की कमी थी और ITI बंद हो रहे थे। अब सरकार 300 से अधिक आईटीआई चला रही है और निजी क्षेत्र में 3,000 आईटीआई संचालित हो रहे हैं।



