छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मेधावी छात्र अनुकल्प को नवोदय विद्यालय में मिलेगा दाखिला
प्रशासनिक तकनीकी वजह से प्रवेश रोके जाने पर हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया, न्यायाधीश ने कहा – मेधावी छात्र को शिक्षा का अधिकार बाधित नहीं किया जा सकता

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मरवाही के 12 वर्षीय छात्र अनुकल्प गुप्ता को मल्हार स्थित नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं (सत्र 2025-26) में दाखिला देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासनिक कारणों से किसी मेधावी बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
📌 कोर्ट का फैसला
अनुकल्प गुप्ता ने तीसरी से पांचवीं कक्षा तक मरवाही के ग्रामीण स्कूल में पढ़ाई की और नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास कर चयन सूची में स्थान पाया। हालांकि, दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका प्रवेश रद्द कर दिया गया, यह कहते हुए कि उनका स्कूल अब शहरी क्षेत्र में शामिल हो गया है।
अनुकल्प के पिता अजय गुप्ता ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
⚖️ न्यायाधीश की टिप्पणी
जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की एकल बेंच ने याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि छात्र ने मेधा के आधार पर प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है और नियमों का पालन किया है। तकनीकी आधार पर उसका हक छीनना अन्यायपूर्ण है।
🏫 आदेश और आगे की कार्रवाई
कोर्ट ने नवोदय विद्यालय मल्हार के प्राचार्य को आदेश दिया कि अनुकल्प को तत्काल दाखिला दिया जाए और उसे पढ़ाई का पूरा अवसर प्रदान किया जाए।


