छत्तीसगढ़

CGPSC घोटाला: रिटायर्ड IAS और पूर्व परीक्षा नियंत्रक समेत 5 गिरफ्तार, CBI ने कोर्ट में किया पेश

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप में CBI ने बड़ी कार्रवाई की। आरती वासनिक, जीवनलाल ध्रुव और अन्य आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला मामले में सीबीआई की सक्रियता बढ़ गई है। आज की कार्रवाई में सीबीआई ने लोक सेवा आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिकपूर्व IAS जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव, साथ ही निशा कोसले और दीपा आदिल को हिरासत में लिया और स्पेशल कोर्ट में पेश किया। आरती वासनिक को इससे पहले भी हिरासत में लिया गया था लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।

इससे पहले इस घोटाले में 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नितेश सोनवानी और ललित गणवीर शामिल थे। 12 जनवरी को शशांक गोयल, भूमिका कटियार और साहिल सोनवानी को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं।

CGPSC घोटाले की पूरी कहानी:

CGPSC घोटाला 2020 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों को नजरअंदाज कर प्रभावशाली लोगों और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबी पदों पर चयनित किए गए।

सीबीआई ने जांच में कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया। यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है और प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है।

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