छत्तीसगढ़

बल्ले-बल्ले! जीएसटी छूट से इंश्योरेंस हुआ टैक्स फ्री, अब प्रीमियम पे पैसे बचाने का सुनहरा मौका

लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर जीरो जीएसटी, 10,000 से 30,000 रुपये तक हर पॉलिसी हो रही है सस्ती – जानिए आपकी बचत कितनी


नई दिल्ली: सरकार ने देश में जीएसटी रिफॉर्म्स लागू कर दी हैं और 22 सितंबर से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। दूध, घी, तेल से लेकर टीवी, एयरकंडीशनर और कार-बाइक तक अब सस्ती हो गई हैं, लेकिन सबसे बड़ी खुशखबरी है लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स के लिए। अब इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी जीरो हो गया है।

इसका मतलब साफ है: पॉलिसी होल्डर्स को प्रीमियम भुगतान पर कम पैसा देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर आपकी मासिक पॉलिसी 30,000 रुपये की थी, तो 18% जीएसटी यानी 5,400 रुपये अब आपको बचेंगे और केवल बेस प्रीमियम 30,000 रुपये देना होगा। इसी तरह 10,000 रुपये वाले मासिक प्रीमियम पर सीधे 1,800 रुपये की बचत होगी।

नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म के तहत जरूरी सामान और सेवाओं पर नए स्लैब लागू किए गए हैं। पहले 12% और 28% वाले स्लैब हटाए गए हैं और अब 5% और 18% में रखे गए हैं। लाइफ-हेल्थ इंश्योरेंस अब पूर्ण रूप से जीएसटी फ्री हो गया है, और यह बदलाव टर्म प्लान, फैमिली फ्लोटर और सीनियर सिटीज़ प्लान समेत सभी पॉलिसियों पर लागू होगा।

अगर टर्म इंश्योरेंस की बात करें, तो 30 साल की उम्र में 1 करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस लेने पर सालाना 15,000 रुपये का बेस प्रीमियम देना होता था। पहले इसमें 18% जीएसटी लगाकर कुल 17,700 रुपये चुकाने पड़ते थे, लेकिन अब केवल 15,000 रुपये ही देना होगा।

फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस पर भी यही हाल है। उदाहरण के लिए, 10 लाख रुपये के कवर के लिए सालाना 25,000 रुपये का प्रीमियम होता था। 18% जीएसटी हटने के बाद 4,500 रुपये की बचत सीधे आपके जेब में जाएगी।

सरकार ने बीमा प्रीमियम को जीएसटी के दायरे से बाहर करके पॉलिसी होल्डर्स को बड़ी राहत दी है, लेकिन बीमा कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा अब नहीं मिलेगा। इसका असर कंपनियों की लागत पर पड़ेगा और संभावित रूप से ये खर्च भविष्य में बेस प्रीमियम पर बढ़ सकता है।

यह बड़ा कदम सीधे तौर पर आम जनता के लिए वित्तीय राहत लेकर आया है और इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स के लिए पैसों की बचत का सुनहरा मौका है।

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