GST 2.0 लागू: ट्रेन के टिकट वैसे ही सस्ते, लेकिन हवाई यात्रा में बढ़ सकता है किराया!
इकोनॉमी क्लास टिकट पर 5% जीएसटी, बिजनेस और फर्स्ट क्लास में 18% टैक्स; रोजमर्रा की चीज़ें अब टैक्स फ्री

नई दिल्ली: 22 सितंबर 2025 से सरकार ने GST 2.0 को लागू कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में घोषणा की थी कि अब टैक्स स्लैब सिर्फ दो होंगे – 5% और 18%, ताकि टैक्स सिस्टम सरल और पारदर्शी हो।
हवाई यात्रा पर असर:
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इकोनॉमी क्लास: 5% जीएसटी, पहले की तरह ही।
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बिजनेस क्लास, प्रीमियम इकोनॉमी और फर्स्ट क्लास: जीएसटी बढ़कर 18% हो गई, यानी टिकट महंगा हो सकता है।
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कैंसिलेशन और रिफंड: पुराने 12% स्लैब पर खरीदे गए टिकट कैंसिल किए जाएं, तो एयरलाइन उतना ही टैक्स रिफंड करेगी।
रेलवे यात्रियों के लिए राहत:
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रेलवे के एसी टिकटों पर जीएसटी कोई बदलाव नहीं, यानी 1AC, 2AC, 3AC, एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार पर 5% जीएसटी ही लगेगा।
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इसका मतलब है कि रेल यात्री महंगाई से बचेंगे।
जरूरी सामानों पर टैक्स रियायत:
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0% जीएसटी वाले सामान: दूध, पनीर, ब्रेड, रोटी-पराठा, बच्चों की किताबें, कॉपियां, पेंसिल, रबर, नक्शे और ग्लोब।
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दवाएं और बीमा: 33 जीवन रक्षक दवाएं (जिसमें 3 कैंसर की दवाएं शामिल हैं), हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी टैक्स हटा दिया गया।
आम जनता पर असर:
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रोजमर्रा की जरूरत की चीज़ें और स्वास्थ्य सेवाएं अब सस्ती होंगी।
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महंगी हवाई यात्रा करने वालों को अब थोड़ा अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष:
GST 2.0 का मकसद टैक्स ढांचे को सरल, पारदर्शी और आम जनता के लिए राहत देने वाला बनाना है। नए स्लैब लागू होने के बाद रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, लेकिन कुछ लग्ज़री सेवाओं पर टैक्स बढ़ सकता है।




