दुर्ग साइबर ठगी का खुलासा: तीन युवक म्यूल अकाउंट मामले में गिरफ्तार
पुलिस ने लाखों रुपए की ठगी का खुलासा किया, म्यूल अकाउंट का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी की रकम जमा की जा रही थी

दुर्ग: जिले की सुपेला पुलिस और एसीसीयू टीम ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को अपने खातों में जमा किया था। तीन अलग-अलग मामलों में कुल 6.34 लाख रुपए से अधिक की ठगी की रकम जमा होने की पुष्टि हुई है।
म्यूल अकाउंट क्या है:
साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। अक्सर अपराधी भोले-भाले या लालच में आने वाले लोगों से उनका खाता खुलवाकर, ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम अपने कब्जे में कर लेते हैं।
तीन मामलों का खुलासा:
-
पहला मामला: गनेश्वर दास मानिकपुरी (25 वर्ष, कांट्रेक्टर कॉलोनी सुपेला) ने अपने खाते में 99,794 रुपए जमा किए। मामले में अपराध क्रमांक 1148/25 दर्ज किया गया।
-
दूसरा मामला: अमनदीप सिंह (19 वर्ष, जवाहर नगर सुपेला) ने 4,36,200 रुपए जमा किए। मामले में अपराध क्रमांक 1149/25 दर्ज किया गया।
-
तीसरा मामला: विवेक अवचट (24 वर्ष, चिंगरीपारा, नेहरू भवन सुपेला) के खाते में 98,000 रुपए जमा हुए। मामले में अपराध क्रमांक 1151/25 दर्ज किया गया।
आरोपियों पर दर्ज धाराएं:
तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस का बयान और चेतावनी:
सुपेला पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध रोकने के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है। म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले लोग सीधे अपराधियों की मदद कर रहे होते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे अपना बैंक खाता दूसरों को न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
साइबर अपराध में तकनीक की भूमिका:
समन्वय पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी प्राप्त हुई। इसी तकनीक की मदद से तीनों मामलों का खुलासा संभव हुआ, जो साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाती है।


