
रायगढ़: जिले में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए रायगढ़ पुलिस ने लगातार अभियान छेड़ा हुआ है। इसी कड़ी में चक्रधरनगर पुलिस ने एक बड़े नशीली इंजेक्शन सप्लाई सिंडीकेट का भंडाफोड़ करते हुए ओडिशा के झारसुगुड़ा से दो प्रमुख सप्लायरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट और संगठित अपराध की धाराओं में न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया।
कैसे हुआ भंडाफोड़:
19 सितंबर को चक्रधरनगर पुलिस ने पंजरी प्लांट मरीन ड्राइव क्षेत्र में दबिश देकर इंदिरा नगर निवासी धीरेज बरेठ को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी नदी किनारे नशीली इंजेक्शन बेच रहा था। तलाशी में पुलिस ने 8 नग पेंटाजोसिन इंजेक्शन और ₹300 बिक्री की रकम जब्त की। पूछताछ में धीरज ने खुलासा किया कि वह इंजेक्शन किशन डंडारिया और चंद्रकांत निषाद उर्फ बाबू से खरीदकर महंगे दामों पर बेचता है।
सप्लाई चेन का खुलासा:
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में टीम ने सप्लाई चेन ट्रेस करना शुरू किया। जांच में सामने आया कि यह केवल स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने किशन डंडारिया और राजेश डंडारिया को घेराबंदी कर दबोचा। उनके पास से मोबाइल जब्त किया गया, जिसका इस्तेमाल UPI के जरिए नशीली इंजेक्शन की अवैध लेन-देन में किया जा रहा था।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चंद्रकांत निषाद, धीरज बरेठ और रुकसार सारथी सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर इंजेक्शन सप्लाई की। यह एक संगठित अपराध होने के कारण पुलिस ने बीएनएस की धारा 111 के तहत प्रकरण दर्ज किया।
पहले से गिरफ्तार आरोपी:
सहआरोपी चंद्रकांत निषाद उर्फ बाबू और रुकसार सारथी को पहले ही थाना सिटी कोतवाली में गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी:
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किशन डंडारिया उर्फ अशोक (33 वर्ष), नवधा चौक, बृजराज नगर, झारसुगुड़ा, ओडिशा
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राजेश डंडारिया (35 वर्ष), नवधा चौक, बृजराज नगर, झारसुगुड़ा, ओडिशा
दोनों को रिमांड पर भेजा गया ताकि पुलिस इनके नेटवर्क और अन्य सप्लायर्स तक पहुँच सके।
पुलिस टीम और सख्ती:
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष टीम कार्यरत थी। टीम में सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक अभय नारायण यादव की अहम भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस ने कहा कि नशीली दवाओं और इंजेक्शनों की सप्लाई सीधे युवाओं को निशाना बनाती है और समाज को खोखला कर देती है। ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है।
पेंटाजोसिन इंजेक्शन क्या है:
पेंटाजोसिन एक नियंत्रित औषधि है, जिसका सीमित चिकित्सीय उपयोग होता है। लेकिन नशेड़ी इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। लंबे समय तक सेवन से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इसे बेहद खतरनाक मानते हैं।

