छत्तीसगढ़

अस्पताल के बाहर तड़पता रहा ज़िंदगी… डॉक्टर न मिलने से घायल की मौत, ग्रामीणों का रातभर हंगामा

धमतरी के बोरई सिविल अस्पताल में आपात सेवा ठप, इलाज के अभाव में युवक ने तोड़ा दम… स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नगरी क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को जब इलाज के लिए सिविल अस्पताल बोरई लाया गया, तो वहां न डॉक्टर मिले, न नर्स और न ही कोई आपातकालीन सुविधा। इलाज के अभाव में युवक की मौत हो गई।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को अस्पताल परिसर में रखकर पूरी रात धरना-प्रदर्शन किया।


🌙 सड़क पर बेसुध मिला युवक

बताया जा रहा है कि रविवार देर रात बोरई-घुटकेल मार्ग पर एक युवक मोटरसाइकिल सहित बेसुध हालत में पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया।

लेकिन अस्पताल में आपातकालीन सेवा पूरी तरह ठप थी। वहां कोई डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। प्राथमिक उपचार तक की व्यवस्था नहीं मिल सकी।


😡 “समय पर इलाज मिलता तो बच जाती जान”

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय पर इलाज मिलता, तो घायल की जान बचाई जा सकती थी। इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता बताया जा रहा है।

स्थिति से गुस्साए लोगों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर बैठकर नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


❓ स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इस घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। सवाल उठ रहा है—
जब सिविल अस्पताल में ही आपातकालीन सेवा उपलब्ध नहीं होगी, तो दूर-दराज के ग्रामीण किस पर भरोसा करें?

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