1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प’ बजट: नौकरी, जल बोर्ड और मेट्रो विजन का बड़ा ऐलान
GYAN से GATI, अब SANKALP के साथ आगे बढ़ती विकास यात्रा

रायपुर:
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री OP Choudhary ने साय सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट सदन में रखा। बजट पेश करने से पहले उन्होंने अपने बंगले में स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की, जहां उनकी पत्नी अदिति चौधरी भी मौजूद रहीं।
इस बार बजट की थीम ‘SANKALP’ रखी गई है, जिसे ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद विकास की अगली कड़ी बताया गया।
📊 बजट के मूल आधार स्तंभ (SANKALP मॉडल)
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S – समावेशी विकास
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A – अधोसंरचना
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N – निवेश
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K – कुशल मानव संसाधन
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A – अंत्योदय
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L – लाइवलीहुड
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P – पॉलिसी से परिणाम तक
सरकार का दावा है कि संतुलित विजन के जरिए सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
🏗️ संभावित बड़े ऐलान
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राज्य जल बोर्ड का गठन
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‘जी राम जी’ (Guarantee For Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास को बढ़ावा
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स्टार्टअप और MSME सेक्टर को प्रोत्साहन
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राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना
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रोजगार और जन सुविधाओं को विस्तार देने पर विशेष फोकस
🎯 किन वर्गों पर फोकस?
यह बजट ऐसे समय आया है जब सरकार गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। गरीब कल्याण, युवा शक्ति, किसान, महिलाएं और बच्चे—हर वर्ग को इस बजट से उम्मीदें हैं।
🕊️ सदन की कार्यवाही
बजट पेश होने से पहले सदन में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद 5 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित रही। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।
👉 कुल मिलाकर, 1.72 लाख करोड़ का यह बजट रोजगार, बुनियादी ढांचे और जन सुविधाओं को लेकर बड़े संकेत दे रहा है। अब देखना होगा कि घोषणाएं जमीनी हकीकत में कितनी तेजी से बदलती हैं।



