इंद्रावती के जंगलों में गूंजीं गोलियां! बीजापुर में 2 वर्दीधारी नक्सली ढेर, SLR-INSAS बरामद
जांगला इलाके में तड़के मुठभेड़, उधर 22 लाख के इनामी कमांडर की ‘अपनों’ ने ही कर दी हत्या?

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार सुबह इंद्रावती नदी के घने जंगल एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठे। जांगला क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए।
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से दोनों के शव के साथ SLR और INSAS जैसे हथियार बरामद किए गए हैं। इस मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने की है।
🚨 जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मारे गए नक्सली किस संगठन से जुड़े थे और आसपास अन्य माओवादी तो सक्रिय नहीं हैं।
💣 22 लाख का इनामी कमांडर ‘अपनों’ के निशाने पर!
इसी बीच नक्सल संगठन के भीतर से भी बड़ी दरार की खबर सामने आई है। ओडिशा में 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की कथित तौर पर उसके ही साथियों ने हत्या कर दी।
कंधमाल जिले में डारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी आरक्षित वन से उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। कंधमाल एसपी हरीश बीसी ने मीडिया को बताया कि अन्वेष आत्मसमर्पण की तैयारी में था, जिसकी भनक संगठन को लग गई।
बताया जा रहा है कि राज्य के वांछित नक्सली नेता सुक्रू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। अन्वेष मूलतः छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी था और केकेबीएन डिवीजन में डीवीसीएम एवं सैन्य प्लाटून कमांडर के पद पर सक्रिय था।
❓ संगठन के भीतर डर या टूटती पकड़?
एक ओर बीजापुर में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर, दूसरी ओर इनामी कमांडर की अपने ही साथियों द्वारा हत्या — इन घटनाओं ने नक्सली संगठन के भीतर चल रही हलचल की ओर इशारा कर दिया है।
क्या बढ़ते दबाव में संगठन के अंदर ही अविश्वास पनप रहा है?
या फिर आत्मसमर्पण की कोशिशें माओवादियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही हैं?

