“सेक्स स्कैंडल के नाम पर उगाही!” मददगार की अग्रिम जमानत खारिज, हाईकोर्ट ने कहा— हिरासत में पूछताछ जरूरी
6 लाख की मांग, 2.75 लाख की वसूली… गवाह से आरोपी बना शख्स, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

6 लाख की मांग, 2.75 लाख की वसूली… गवाह से आरोपी बना शख्स, कोर्ट ने दिखाई सख्ती
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सनसनीखेज खबर सामने आई है। सेक्स स्कैंडल में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह के कथित मददगार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
“6 लाख दो, नहीं तो बदनाम कर देंगे”
मामला बलौदाबाजार के सिटी कोतवाली क्षेत्र का है, जहां एक गिरोह ने पीड़ित अमरीश साहू को सेक्स स्कैंडल में झूठा फंसाने की धमकी देकर 6 लाख रुपये की मांग की। डर के चलते पीड़ित ने किस्तों में 2.75 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि संकेत शुक्ला नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर इस अवैध वसूली की रकम आरोपियों तक पहुंचाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
गवाह से बना आरोपी
शुरुआत में पुलिस ने संकेत शुक्ला को इस मामले में गवाह बनाया था। लेकिन आगे की जांच में सामने आया कि वह गिरोह के मुख्य सदस्यों के साथ मिलकर वसूली की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। इसके बाद उसके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी जांच के दौरान फरार रहा और उसके खिलाफ पूर्व में भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर उगाही की रकम के लेनदेन में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप हैं।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि धमकी और जबरन वसूली जैसे सुनियोजित अपराध समाज के लिए खतरनाक हैं, इसलिए ऐसे मामलों में राहत नहीं दी जा सकती।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी इसी तरह सख्ती होगी?
और क्या इस मामले से ऐसे उगाही गैंगों पर लगाम लग सकेगी?


