Raipur News: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को एलपीजी गैस की किल्लत और महंगाई को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान शून्यकाल में विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेर लिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई।
स्थिति बिगड़ती देख आसंदी ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाया गैस संकट का मुद्दा
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले आश्वासन दिया था कि युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद प्रदेश में गैस की कमी नहीं होगी, लेकिन अब एलपीजी सिलेंडर की किल्लत शुरू हो गई है।
इस पर भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने कहा कि यह मुद्दा राज्य का नहीं बल्कि केंद्र सरकार से जुड़ा है, इसलिए इस पर विधानसभा में चर्चा नहीं होनी चाहिए।
भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने कहा कि भले ही यह विषय केंद्र से जुड़ा हो, लेकिन व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की भी है। उन्होंने कहा कि लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है और कई जगह कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने से होटल और शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं।
स्थगन प्रस्ताव की मांग, फिर शुरू हुआ हंगामा
विपक्ष ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की, लेकिन आसंदी ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद विपक्षी विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे।
हंगामे के बीच विपक्ष के 35 विधायक खुद ही सदन से निलंबित हो गए, जिसके बाद सदन में माहौल और गरमा गया।
फिलहाल गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बहस तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।