छत्तीसगढ़

डेडलाइन के आखिरी दिन जंगल से निकले दो साए… हाथ में AK-47, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया

कांकेर में 8-8 लाख के इनामी दो नक्सलियों ने किया सरेंडर, सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी


कांकेर। घने जंगलों में लंबे समय से छिपे दो ऐसे चेहरे अचानक सामने आए, जिनके नाम से इलाके में डर का माहौल बना रहता था। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। उनके हाथ में हथियार थे, लेकिन इरादे बदल चुके थे।

जिले में दो इनामी नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सरेंडर करने वालों की पहचान हिड़मे और शंकर के रूप में हुई है। दोनों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसकी पुष्टि एसपी निखिल राखेचा ने की है।

जानकारी के अनुसार, दोनों नक्सली एके-47 जैसे घातक हथियार के साथ पुलिस के पास पहुंचे। यह दृश्य अपने आप में चौंकाने वाला था, क्योंकि जिन हथियारों के साथ वे कभी हमलों में शामिल रहते थे, उसी के साथ वे अब आत्मसमर्पण करने पहुंचे।

पुलिस अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण कराया और उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की बात कही है। यह सरेंडर सरकार द्वारा तय नक्सलवाद समाप्ति की डेडलाइन के दिन ही हुआ, जिसे सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, कांकेर के जंगलों में अभी भी करीब 15 नक्सलियों की मौजूदगी बताई जा रही है, जिनके खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों से लगातार आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की जा रही है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि जंगल के भीतर हालात तेजी से बदल रहे हैं, और आने वाले दिनों में ऐसे और भी चौंकाने वाले सरेंडर सामने आ सकते हैं।

 

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