गेवरा की खदानों में अचानक हलचल… कोल इंडिया चेयरमैन का दौरा, क्या बदलने वाली है खनन की रणनीति?
तीन दिवसीय दौरे पर SECL पहुंचे बी. साईंराम, मेगाप्रोजेक्ट से लेकर भविष्य की योजना तक हर पहलू की गहन समीक्षा—अंदर ही अंदर क्या पक रहा है?

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित खदान क्षेत्रों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईंराम अपने तीन दिवसीय दौरे पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) पहुंचे। इस दौरे को केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि आने वाले समय की बड़ी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
दौरे के पहले चरण में चेयरमैन रायपुर एयरपोर्ट से सीधे गेवरा हाउस पहुंचे, जहां से उन्होंने कुसमुंडा मेगाप्रोजेक्ट का रुख किया। इस दौरान एसईसीएल के सीएमडी हरिश दुहन भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने नीलकंठ साकार व्यू पॉइंट से विशाल खदान क्षेत्र का जायजा लिया। यहां उन्होंने माइन प्लान, चालू वित्त वर्ष के उत्पादन लक्ष्य, मूल्यांकन रणनीति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उनके इस गहन निरीक्षण ने यह संकेत दिया कि कंपनी आने वाले समय में कुछ बड़े बदलावों की तैयारी में है।
इसके बाद उन्होंने एनआईएमएल (NIML) पैच का दौरा कर खनन गतिविधियों को करीब से समझा। यहां एफएमसी (FMC) सिस्टम, साइलो के उपयोग, डिस्पैच प्रक्रिया और भविष्य की निकासी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। कुसमुंडा व्यू पॉइंट पर भी उन्होंने पूरे ऑपरेशन का समग्र आकलन किया, जिससे साफ झलक रहा था कि हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
दौरे के दौरान एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया, जब चेयरमैन बी. साईंराम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया। इस कदम को कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब इस पूरे दौरे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—क्या एसईसीएल की खनन रणनीति में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है, या फिर यह दौरा आने वाले समय की किसी बड़ी योजना की भूमिका तैयार कर रहा है? फिलहाल, खदानों की इस हलचल ने कई संकेत जरूर दे दिए हैं।



