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खेल के मैदान से निकली बड़ी खुशखबरी… CM साय का तगड़ा ऐलान, गोल्ड पर 2 लाख—क्या अब बदलेगी खिलाड़ियों की किस्मत?

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन पर सरकार की बड़ी घोषणा, मेडल जीतने वालों पर बरसेगा इनाम—देशभर की नजरें अब छत्तीसगढ़ पर


रायपुर: छत्तीसगढ़ की धरती पर 10 दिनों तक चला खेलों का महाकुंभ अब खत्म हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही एक ऐसा ऐलान हुआ है जिसने खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगा दी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए इनाम की राशि का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 2 लाख रुपये, रजत पदक के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख, रजत के लिए 75 हजार और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।

पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित इस समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ में जो ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच देने में सफल रहा है।

उन्होंने नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके विजन के कारण छत्तीसगढ़ को इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी का मौका मिला। साथ ही केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के सहयोग को भी सराहा।

इस खेल महाकुंभ में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और प्रतिभा का संगम बन गया है।

पदक तालिका में कर्नाटक ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि ओडिशा दूसरे और झारखंड तीसरे स्थान पर रहे। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य) अपने नाम किए।

समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी खिलाड़ियों और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स आयोजित किए गए, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिला।

अब इस ऐतिहासिक आयोजन और इनाम की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह कदम छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में गेमचेंजर साबित होगा? फिलहाल, इस ऐलान ने खिलाड़ियों के हौसले को नई उड़ान जरूर दे दी है।

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