हादसे के बाद जिंदगी और मौत की जंग में नई उम्मीद? गोल्डन ऑवर में मिल रहा कैशलेस इलाज, खुला बड़ा सच
1.50 लाख तक मुफ्त उपचार, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए सरकार की खास योजना, लेकिन क्या हर जरूरतमंद तक पहुंच पा रही है मदद?

रायपुर, 29 अप्रैल 2026। सड़क हादसों के बाद अक्सर सबसे बड़ा सवाल होता है—क्या समय पर इलाज मिल पाएगा? इसी डर और अनिश्चितता के बीच अब एक ऐसी योजना सामने आई है, जो घायल मरीजों के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बनती दिख रही है। भारत सरकार की पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब तत्काल और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
इस योजना के तहत दुर्घटना के बाद के सबसे अहम समय यानी “गोल्डन ऑवर” में बिना किसी देरी के मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1 लाख 50 हजार रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। माना जाता है कि हादसे के बाद का यही समय जीवन और मृत्यु के बीच सबसे निर्णायक होता है।
राजनांदगांव जिले में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक 12 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का पंजीयन कर उन्हें इस योजना के तहत उपचार दिया जा चुका है। इनमें से 10 मरीजों का इलाज भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में किया गया, जबकि 2 मरीजों का उपचार संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में हुआ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के तुरंत बाद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित उपचार उपलब्ध कराना है। उनका कहना है कि यदि शुरुआती समय में सही इलाज मिल जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं, इसलिए इस योजना में गोल्डन ऑवर पर विशेष जोर दिया गया है।
योजना को सफल बनाने के लिए जिले में 34 शासकीय अस्पतालों और 38 निजी अस्पतालों के डॉक्टरों व स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। इसमें मेडिकल कॉलेज पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर और विभिन्न सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, जहां मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।
हालांकि, इस पहल ने राहत की एक मजबूत उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन एक बड़ा सवाल अब भी कायम है—क्या हर दुर्घटना पीड़ित तक यह सुविधा समय पर पहुंच पा रही है या फिर कहीं जानकारी के अभाव में लोग अब भी इससे वंचित रह जाते हैं?
फिलहाल, सरकार की यह योजना सड़क हादसों के बाद होने वाली अफरातफरी के बीच एक भरोसेमंद सहारा बनती नजर आ रही है, जो सही समय पर सही इलाज देकर कई जिंदगियों को बचाने की क्षमता रखती है।

