आज छत्तीसगढ़ में बजेगी हजारों शहनाइयां! 2300 से ज्यादा जोड़े एक साथ लेंगे सात फेरे, हर जिले में होगा भव्य सामूहिक विवाह
गरीब परिवारों की बेटियों के लिए बना सहारा, सरकार दे रही आर्थिक मदद और गृहस्थी का सामान

रायपुर। छत्तीसगढ़ आज एक ऐतिहासिक और भावुक पल का गवाह बनने जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत एक साथ सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे, जहां 2300 से ज्यादा जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंधेंगे। खास बात यह है कि इन समारोहों में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समुदायों के जोड़े अपनी-अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे।
प्रदेशभर में होने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक अमला अंतिम व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है ताकि हर जोड़े और उनके परिवार को सम्मानजनक और यादगार माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्यक्रम को सामाजिक समानता, गरिमा और एकता का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज के कमजोर तबकों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द मजबूत करने का बड़ा माध्यम है।
इस योजना को पहले ही अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। 10 फरवरी 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह में रिकॉर्ड 6412 जोड़ों की शादी कराई गई थी, जिसे ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज किया गया। उस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं 1316 जोड़ों को आशीर्वाद दिया था।
सरकार की इस योजना के तहत हर नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, गृहस्थी का जरूरी सामान और शादी से जुड़े अन्य इंतजाम उपलब्ध कराए जाते हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना है, ताकि बेटियों की शादी किसी परिवार के लिए बोझ न बने।
वर्ष 2006 में शुरू हुई यह योजना आज हजारों परिवारों के लिए उम्मीद का सहारा बन चुकी है। खास बात यह भी है कि योजना का लाभ विधवाओं, अनाथों और बेसहारा महिलाओं को भी दिया जाता है, ताकि कोई जरूरतमंद इससे वंचित न रहे।
अब पूरे प्रदेश की नजरें इन सामूहिक विवाह समारोहों पर टिकी हैं, जहां एक साथ हजारों नए रिश्तों की शुरुआत होगी और शहनाइयों की गूंज पूरे छत्तीसगढ़ में सुनाई देगी।



