“आधी रात जंगल में घिरी तस्करों की ‘लकड़ी फैक्ट्री’… घरों में छापा पड़ा तो निकलने लगे साल के लट्ठे”
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई में खुला अवैध कटाई का खेल, मशीनें-हथियार और लाखों की लकड़ी जब्त

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। मरवाही वनमंडल में आधी रात चली वन विभाग की कार्रवाई ने जंगलों में चल रहे एक बड़े लकड़ी तस्करी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। जिन घरों के अंदर सामान्य सामान होने का शक था, वहां से लाखों रुपए की अवैध साल लकड़ी, बड़े-बड़े लट्ठे और पेड़ काटने के खतरनाक उपकरण बरामद हुए। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पिपरखुंटी बीट के जंगलों में बड़े पैमाने पर साल के पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ियों को छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही डीएफओ ग्रीष्मी चांद के नेतृत्व में वन विभाग के उड़नदस्ते ने देर रात घेराबंदी कर दो घरों में सर्च वारंट के साथ छापा मारा।
छापेमारी के दौरान टीम को जो मिला, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। मौके से करीब 2 लाख रुपए कीमत की 136 नग साल की चिरान लकड़ी और 11 बड़े लट्ठे बरामद किए गए। इसके अलावा पेड़ काटने में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक चेनसॉ मशीन, हाथ आरी और कुल्हाड़ियां भी जब्त की गईं।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ छोटी कार्रवाई नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहे संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि जंगलों से काटी गई लकड़ी को अलग-अलग जगहों पर खपाने की तैयारी थी।
कार्रवाई के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। दोनों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में लकड़ी की बरामदगी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
दरअसल, यह मामला पहले से ही विवादों में रहा है। गौरेला वन परिक्षेत्र के पीपरखूंटी बीट में 122 पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत के बाद रायपुर से फ्लाइंग स्क्वायड जांच के लिए पहुंचा था। जांच में लापरवाही सामने आने पर पीपरखूंटी सर्किल के डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
अब ताजा कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जंगलों के भीतर सिर्फ पेड़ ही नहीं काटे जा रहे थे, बल्कि पर्दे के पीछे पूरा अवैध कारोबार फल-फूल रहा था। वन विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गया है।

