
भोपाल।
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में गुरुवार को बड़ा मोड़ आ गया। सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि भोपाल स्थित उनके घर में करीब 6 घंटे तक चली पूछताछ और जांच के बाद एजेंसी ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई अदालत से उनका रिमांड मांगने की तैयारी में है।
इस केस ने पहले ही पूरे मध्यप्रदेश में सनसनी फैला रखी थी, लेकिन अब सास की गिरफ्तारी के बाद मामला और ज्यादा रहस्यमयी और गंभीर हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे सच क्या है और उस रात घर के अंदर ऐसा क्या हुआ था, जिसने पूरे परिवार को शक के घेरे में ला दिया।
जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्हें कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। इसके बाद सीबीआई ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ट्विशा के परिवार ने पहले ही पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही ट्विशा मानसिक प्रताड़ना झेल रही थीं। उन पर दहेज को लेकर दबाव बनाया जाता था और गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया गया। परिवार के मुताबिक ट्विशा कई बार नोएडा लौटने की इच्छा जता चुकी थीं।
मामले में उस वक्त और हड़कंप मच गया था, जब गिरफ्तारी से पहले गिरिबाला सिंह ने मीडिया इंटरव्यू और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृतका के खिलाफ बयान दिए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से गरमा गया था।
12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा का शव मिला था। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताई गई थी। रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान होने का भी जिक्र किया गया। इन खुलासों के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।
बढ़ते विवाद और सवालों के बीच मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। इसके बाद एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंची और दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। मौत के 12 दिन बाद, 24 मई को ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया।
इस मामले में पहले भोपाल पुलिस ने छह सदस्यीय एसआईटी बनाई थी, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। अब सीबीआई की कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजर टिकी हुई है। क्योंकि यह सिर्फ एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि रिश्तों, सत्ता, दबाव और बंद कमरों में छिपे उन सवालों की कहानी बन चुकी है, जिनका सच अब धीरे-धीरे बाहर आने लगा है।


