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मौत बनकर बिक रही थी शराब! 3 दिनों में 15 लोगों की जान गई, मेथेनॉल के खेल ने खोली खौफनाक साजिश

पुणे-पिंपरी चिंचवड़ में जहरीली शराब कांड से हड़कंप, जांच में सामने आया कैसे लालच ने ली कई जिंदगियां

 

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब कांड ने सनसनी फैला दी है। पिछले तीन दिनों में कथित तौर पर नकली और जहरीली शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच में ऐसे खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने अवैध शराब कारोबार के खतरनाक नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, शराब में अत्यधिक मात्रा में मेथेनॉल मिलाया गया था, जो मानव शरीर के लिए बेहद जहरीला होता है। इसी वजह से कई लोगों की तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते मौतों का सिलसिला शुरू हो गया।

ज्यादा मुनाफे के लालच में खेला गया खतरनाक खेल

जांच में सामने आया है कि पुणे के उरळी कांचन गांव निवासी राधेश्याम प्रजापती कथित तौर पर अवैध शराब तैयार करने का काम करता था। वहीं योगेश वानखेड़े नामक युवक इस शराब को खरीदकर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के विभिन्न ठिकानों तक पहुंचाता था।

पुलिस का कहना है कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए शराब में मेथेनॉल की मात्रा जरूरत से कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई थी। इससे शराब की कुल मात्रा लगभग दोगुनी हो जाती थी, लेकिन यही लालच लोगों की जान का दुश्मन बन गया।

पहले से दर्ज हैं कई मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, योगेश वानखेड़े के खिलाफ शराब तस्करी से जुड़े कई मामले पहले भी दर्ज हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा जहरीली शराब किन-किन इलाकों में सप्लाई की गई।

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 6 आरोपियों को पिंपरी-चिंचवड़ और 2 को पुणे से पकड़ा गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार भी हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित शहरों के पुलिस आयुक्तों को मामले की गहन जांच करने और मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका

स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। हालांकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर अब तक 15 मौतों की पुष्टि की है।

यह जहरीली शराब कांड एक बार फिर अवैध शराब कारोबार पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जांच एजेंसियां अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इतने बड़े स्तर पर जहरीली शराब का कारोबार कैसे चलता रहा और जिम्मेदार लोगों पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। पूरे मामले पर राज्यभर की नजरें टिकी हुई हैं।

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