छत्तीसगढ़

कोरबा: बारिश से बचने पेड़ के नीचे रुके थे 3 दोस्त, अगले ही पल टूटी मौत बनकर गिरी विशाल डाल; गांव में पसरा मातम

तेज तूफान और मूसलाधार बारिश के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, अस्पताल पहुंचने से पहले और इलाज के दौरान तीनों किशोरों ने तोड़ा दम

 

कोरबा। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने कोरबा जिले में एक परिवार नहीं, बल्कि तीन घरों की खुशियां छीन लीं। बारिश और तेज आंधी से बचने के लिए एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े हुए तीन किशोरों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में वही पेड़ उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। देखते ही देखते एक विशाल शाखा टूटकर उनके ऊपर आ गिरी और तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई।

तेज तूफान के बीच हुआ दर्दनाक हादसा

मामला पाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब पांच बजे इलाके में मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान पहाड़ गांव ग्राम पंचायत के अंतर्गत बेसेमर-चोरकादांड गांव निवासी शिवराम टेकाम (14), दिनेश तिर्की (17) और कमलेश बड़ा (18) कहीं से लौट रहे थे।

बारिश और आंधी से बचने के लिए तीनों एक बड़े पेड़ के नीचे रुक गए। लेकिन कुछ ही मिनट बाद तेज तूफान के कारण पेड़ की एक भारी-भरकम शाखा टूटकर सीधे उनके ऊपर आ गिरी।

चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाखा का वजन इतना ज्यादा था कि तीनों युवक उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद टूटी हुई विशाल डाल को हटाया गया और तीनों को बाहर निकाला गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले और इलाज के दौरान मौत

ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि एक किशोर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी नागेश तिवारी के अनुसार तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और परिजनों सहित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। एक साथ तीन युवाओं की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार की शाम आई तेज बारिश और तूफान तीन परिवारों के लिए ऐसी त्रासदी बन गई, जिसे वे शायद कभी नहीं भूल पाएंगे।

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