छत्तीसगढ़

विधायक-तहसीलदार विवाद पर अजय चंद्राकर का बड़ा बयान, बोले- पहले पता करें लक्ष्मण रेखा किसने लांघी

मैनपाट विवाद पर नहीं निकला समाधान, प्रदेशभर में तहसीलदारों की हड़ताल जारी, सरकार पर बढ़ा दबाव

रायपुर। मैनपाट के राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार तुषार मानिक और विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुए विवाद ने अब प्रदेशव्यापी प्रशासनिक संकट का रूप ले लिया है। मंत्री स्तरीय बैठक के बावजूद मामले का समाधान नहीं निकल सका है, जिसके चलते तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के बयान ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

अजय चंद्राकर ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा होती है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम में यह देखना जरूरी है कि आखिर लक्ष्मण रेखा किसने लांघी। उनके इस बयान को विवाद के बीच अहम राजनीतिक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

उधर, मारपीट मामले में अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि 27 मई को हुई घटना केवल एक अधिकारी के साथ हुई व्यक्तिगत घटना नहीं, बल्कि राजस्व प्रशासन, न्यायालयीन व्यवस्था और विधिसम्मत प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गरिमा पर सीधा हमला है।

राजधानी रायपुर सहित कई जिलों के तहसीलदारों ने कामकाज ठप कर तुता धरना स्थल पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन को लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांत अध्यक्ष विजय कुमार झा, राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ और राजस्व पटवारी संघ ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

संघ के प्रदेशव्यापी निर्णय के तहत 1 जून से सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इससे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों पर व्यापक असर पड़ने लगा है।

इस बीच राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भरोसा दिलाया है कि सरकार समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार संघ के पदाधिकारियों और सचिव शम्मी आबिदी के बीच चर्चा हुई है तथा जल्द ही सकारात्मक रास्ता निकलने की उम्मीद है। मंत्री ने आंदोलनरत अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील भी की है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार, प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी खींचतान कब खत्म होगी और मैनपाट विवाद का आखिरकार क्या निष्कर्ष सामने आएगा।

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