मंत्री ने मंच से दी सख्त चेतावनी! जनता के आवेदनों में लापरवाही पड़ी भारी तो होगी कार्रवाई, समाधान शिविर में अफसरों को दो टूक संदेश
जरौद में सुशासन तिहार के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने 106 हितग्राहियों को बांटे लाभ, कहा- अब जनता को काम के लिए नहीं भटकना पड़ेगा

रायपुर। सुशासन तिहार के तहत शनिवार को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड सिमगा अंतर्गत ग्राम जरौद में आयोजित समाधान शिविर में उस समय अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिखाई दिया, जब राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने मंच से ही स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि जनता के आवेदनों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में मंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से लंबित आवेदनों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण किया जाए। जिन मामलों में उच्च स्तर पर निर्णय की आवश्यकता हो, उन्हें तत्काल संबंधित कार्यालयों को भेजा जाए और आवेदकों को भी उसकी जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जाए।
शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि लोगों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा प्रशासनिक तंत्र गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि यह लगातार दूसरा वर्ष है जब राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसे शिविरों का अधिकतम लाभ उठाकर अपने आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ें।
सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चुनावी वादों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़े पैमाने पर आवास निर्माण कार्य चल रहे हैं और अकेले जरौद गांव में ही 210 आवास बनाए जा रहे हैं।
समाधान शिविर में कुल 106 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया। इस दौरान 12 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत 1 करोड़ 6 लाख रुपये के विकास कार्यों के चेक वितरित किए गए। इसके अलावा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मान पत्र, स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रवण यंत्र, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास की चाबियां, राशन कार्ड, नैनो यूरिया और फलदार पौधे भी वितरित किए गए।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में लोगों ने योजनाओं की जानकारी ली और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन भी प्रस्तुत किए। मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण हो।
जरौद में आयोजित यह समाधान शिविर केवल योजनाओं के वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का ऐसा मंच बना, जहां समस्याओं के समाधान और विकास की दिशा में ठोस संदेश भी दिया गया।



