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पहाड़ों पर टूटा बारिश का कहर! किन्नौर में अचानक आई बाढ़ ने निगली सड़क, NH-5 बंद, मलबे में दबीं गाड़ियां

भारी बारिश के बाद मिरू नाले में उफान से चोलिंग के पास हाईवे पूरी तरह ठप, राहत कार्य जारी, हिमाचल में मानसून से अब तक 11 लोगों की मौत।

किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक देते ही तबाही मचानी शुरू कर दी है। किन्नौर जिले में गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र के पास अचानक आई बाढ़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) को पूरी तरह बंद कर दिया। बाढ़ के साथ आए भारी मलबे, बड़े पत्थरों और कीचड़ में कई वाहन दब गए और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। हाईवे से मलबा हटाने के लिए भारी मशीनें लगाई गई हैं और सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

सुबह 4 बजे अचानक आई बाढ़

जिला प्रशासन के मुताबिक, रातभर हुई तेज बारिश के कारण मिरू नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके चलते शुक्रवार सुबह करीब चार बजे चोलिंग इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। चोलिंग स्कूल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 का करीब 30 मीटर हिस्सा भारी मात्रा में मलबे, पत्थरों और कीचड़ से भर गया, जिससे हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह रुक गई।

प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें तथा भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।

हिमाचल में लगातार बढ़ रहा मानसून का असर

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 2 जुलाई के बीच हुई भारी बारिश के चलते राज्य में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 49 से अधिक सड़कें बंद हैं, 42 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं और 27 पेयजल योजनाएं बाधित हो गई हैं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।

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