CG Politics : क्या BJP के 5 पार्षदों ने सच में दे दिया इस्तीफा? वायरल चिट्ठी से मचा सियासी तूफान, सामने आई बड़ी सच्चाई
PCC चीफ दीपक बैज के ट्वीट के बाद बढ़ा विवाद, नगर पंचायत समोदा के उपाध्यक्ष बोले— "लेटर पूरी तरह फर्जी, विपक्ष की साजिश।"

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब नगर पंचायत समोदा के पांच भाजपा पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे से जुड़ा एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पत्र में विकास कार्य ठप होने और प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंपने की बात लिखी गई है। मामला तब और गरमा गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस पत्र को सोशल मीडिया पर साझा कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
दीपक बैज ने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा के लिए यह पत्र करारा जवाब है। उनके अनुसार, यदि सत्ताधारी दल के निर्वाचित जनप्रतिनिधि ही विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था से असंतुष्ट होकर इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं, तो यह सरकार के दावों की वास्तविकता उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हैं और आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है।
वायरल पत्र में क्या लिखा है?
सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में नगर पंचायत समोदा के उपाध्यक्ष अंगेश्वर देवांगन सहित विक्रांत सोनकर, अमर निषाद, चेतन साहू और डोमन साहू के नाम दर्ज हैं। पत्र में दावा किया गया है कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली, शासकीय कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न और विकास कार्यों की कमी से परेशान होकर सभी पांच भाजपा पार्षद अपने पद से इस्तीफा देना चाहते हैं। पत्र में वार्डों में नाली, पानी निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के कार्य नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है।
भाजपा ने किया बड़ा दावा, कहा- ‘इस्तीफा नहीं, यह फर्जी लेटर है’
वायरल पत्र को लेकर जब नगर पंचायत समोदा के उपाध्यक्ष अंगेश्वर देवांगन से बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया। उनका कहना है कि न तो उन्होंने और न ही किसी भाजपा पार्षद ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विपक्ष की साजिश है और वायरल किया गया लेटर पैड भी नकली है।
वहीं भाजपा पार्षद विक्रांत सोनकर ने भी इस्तीफे की खबर को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि वे सरकार के साथ हैं।
फिलहाल वायरल पत्र की प्रामाणिकता को लेकर दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं। अभी तक किसी सक्षम सरकारी प्राधिकरण की ओर से इस कथित इस्तीफे की पुष्टि नहीं की गई है।