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BREAKING NEWS: पुरी रथयात्रा में मातम! भगदड़ जैसे हालात के बीच दो श्रद्धालुओं की मौत, कई बेहोश और घायल

प्रशासन ने भगदड़ से किया इनकार, भीड़ के दबाव में महिला की दम घुटने से और युवक की हार्ट अटैक से मौत; सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी।

 

पुरी।

विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। इस घटना में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग बेहोश हो गए और कई अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औपचारिक रूप से भगदड़ की घटना नहीं हुई, बल्कि अत्यधिक भीड़ के कारण एक महिला श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हुई। वहीं एक अन्य अलग घटना में 35 वर्षीय युवक की हार्ट अटैक से जान चली गई।

मृतकों में एक की पहचान क्योंझर निवासी अनिल दास के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर मारिचीकोट चौक के पास पुलिस बैरिकेड से करीब 100 फीट दूर भारी भीड़ के बीच उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और वे अचानक गिर पड़े। उन्हें तत्काल पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

यह घटना उस समय हुई जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथयात्रा देखने के लिए लाखों श्रद्धालु ग्रैंड रोड पर मौजूद थे। भीड़ बढ़ने के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई और कुछ लोग बेहोश होकर गिर पड़े। प्रशासन ने स्थिति पर जल्द नियंत्रण पाने के लिए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया।

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाई. बी. खुरानिया ने बताया कि रथयात्रा की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे आयोजन में 19 आईपीएस अधिकारी, लगभग 13 हजार पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां तैनात हैं।

इसके अलावा, पूरे रथयात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी 473 एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन-जैमर सिस्टम और दो कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए की जा रही है। समुद्री सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस की संयुक्त गश्त भी जारी है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें। इससे आगे किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सकेगा।

R.O. No. : 13910/ 226

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