दिल्ली हिंसा का सबसे बड़ा खुलासा! 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, 6 FIR दर्ज… अब ‘साजिश’ के एंगल पर बड़ा एक्शन
संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच तेज, CCTV, ड्रोन फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो खंगाल रही पुलिस; 20 से अधिक पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त होने का दावा।

नई दिल्ली।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 6 एफआईआर दर्ज की हैं और पूरे घटनाक्रम की कई पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या हिंसा किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका तय की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, मामले से जुड़ी एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और अन्य संबंधित थानों में दर्ज की गई हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं।
रीगल सिनेमा के पास हिंसा, ड्रोन उड़ाने तक की जांच
पुलिस के अनुसार, एक एफआईआर कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई कथित हिंसा और पथराव से संबंधित है। वहीं अन्य मामलों में गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाने, संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है।
एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस का दावा है कि इस दौरान कई सरकारी और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
CCTV और सोशल मीडिया से होगी पहचान
जांच अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल के CCTV फुटेज, ड्रोन विजुअल, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों एवं वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कथित तौर पर शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
‘साजिश’ के एंगल पर अलग से जांच
सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान मिले कुछ अहम साक्ष्यों के आधार पर हिंसा के पीछे संभावित साजिश की भी अलग से जांच शुरू की गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या पूरा घटनाक्रम पहले से योजनाबद्ध था। इस संबंध में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटनाओं के बाद राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। प्रमुख चौराहों और सरकारी संस्थानों के आसपास बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है तथा वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 20 से ज्यादा पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए। फिलहाल सभी मामलों में जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



