छत्तीसगढ़

Raigarh News: हत्या को आत्महत्या दिखाने का था पूरा खेल, लेकिन पुलिस ने खोल दिया राज… मां-बेटे को उम्रकैद

Raigarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पति की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश करने वाले मां-बेटे को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के कोड़ामाई गांव में वर्ष 2021 में हुई इस हत्या के मामले में कोर्ट ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया।

आरोपियों की पहचान रुधनी सिदार (50) और उसके बेटे परमेश्वर सिदार (29) के रूप में हुई है। अदालत ने दोनों पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

शराब के नशे में घर आया था मृतक

मामला 25 अगस्त 2021 की रात का है। पुलिस जांच के अनुसार, लच्छी राम सिदार शराब के नशे में घर आया था और खाना मांगने लगा। उसकी पत्नी ने उसे खाना परोसा।

इसी दौरान लच्छी राम अपनी पत्नी और बेटे को डांटने लगा। खाना खाते समय उसने घर के अंदर ही शौच भी कर दिया। इस बात से गुस्साए पत्नी और बेटे ने कथित तौर पर प्लास्टिक की रस्सी का फंदा बनाया और उसके गले में डालकर दोनों तरफ से खींच दिया।

रस्सी से गला घोंटने के कारण लच्छी राम की मौत हो गई।

पुलिस को घटनास्थल पर मिला था सुराग

26 अगस्त 2021 को लैलूंगा थाना पुलिस को लच्छी राम की मौत की सूचना मिली। तत्कालीन थाना प्रभारी आरएन साय टीम के साथ कोड़ामाई गांव पहुंचे।

घर के अंदर लच्छी राम मृत अवस्था में पड़ा था और वहां खून भी फैला हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटना की अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू की।

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।

आत्महत्या का रूप देने की कोशिश हुई नाकाम

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। हालांकि, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।

मृतक की पत्नी रुधनी सिदार से पूछताछ के दौरान घटना का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने मां और बेटे को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।

कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

विवेचना पूरी करने के बाद तत्कालीन विवेचना अधिकारी आरएन साय ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।

घरघोड़ा के अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। साक्षियों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रुधनी सिदार और परमेश्वर सिदार को हत्या का दोषी माना।

दोनों को आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

मृतक के आश्रितों को मिलेगी क्षतिपूर्ति

अदालत ने मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से 1 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है।

मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।

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