‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान का ऐलान, स्वतंत्रता दिवस पर सीएम साय ने बेटियों के सम्मान को लेकर दिया बड़ा संदेश
रायपुर में ध्वजारोहण के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीदों को किया नमन, बेटियों के सम्मान और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प पर दिया जोर

रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का दिन है। इसी अवसर पर उन्होंने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की।
बेटियों के सम्मान और अधिकार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की ताकत हैं। ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के जरिए बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने समाज से बेटियों को समान अवसर देने और उनके सपनों को पूरा करने में सहयोगी बनने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा जैसे जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।
‘मनखे-मनखे एक समान’ का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास के संदेश ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि ये विचार आज भी स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और समान अवसर की भावना को मजबूत करना जरूरी है।



