बारिश की बूंदों के बीच सजेगी सुरों की महफिल! रायपुर में 21 अगस्त से ‘पावस प्रसंग’, शास्त्रीय नृत्य-संगीत से जीवंत होगी बरसात

Raipur News: बारिश की रिमझिम, बादलों की गड़गड़ाहट और भारतीय शास्त्रीय संगीत के मधुर सुर… रायपुर में आने वाले दिनों में इन सबका खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग की ओर से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के तहत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है।
चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में वर्षा ऋतु की सुंदरता और उससे जुड़े मानवीय भावों को शास्त्रीय नृत्य और संगीत के जरिए मंच पर जीवंत किया जाएगा। कार्यक्रम 21, 22, 24 और 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में होगा। कार्यक्रम हर दिन शाम 7 बजे से शुरू होगा।
बारिश के अलग-अलग रंगों को कला में देखेंगे दर्शक
‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और भावनाओं को शास्त्रीय कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व माना गया है। काले बादल, बारिश की फुहार, प्रकृति में आती हरियाली और वातावरण में घुलती ताजगी कलाकारों के लिए हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रहे हैं।
इन्हीं भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और संगीत की स्वर-लहरियों के जरिए दर्शकों के सामने पेश करेंगे।
मुक्ताकाशी मंच पर सजेगी सुरमयी शाम
कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में किया जाएगा। खुले मंच का वातावरण शास्त्रीय नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों को और खास बनाने वाला होगा।
दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय कला की विभिन्न भावपूर्ण प्रस्तुतियों के जरिए बारिश के अलग-अलग रंगों और संवेदनाओं का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
प्रकृति और भावनाओं का अनोखा मेल
‘पावस प्रसंग’ सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और इंसानी भावनाओं के बीच के गहरे रिश्ते को कला के माध्यम से सामने लाने की कोशिश है।
बारिश जहां प्रकृति में नया जीवन भरती है, वहीं मन में भी अलग-अलग भाव जगाती है। इन्हीं भावनाओं को शास्त्रीय नृत्य की मुद्राओं और संगीत के सुरों के माध्यम से मंच पर अभिव्यक्त किया जाएगा।
शास्त्रीय कला को बढ़ावा देने की पहल
संस्कृति विभाग का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ आम लोगों को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है।
विभागीय आयोजन 2026 की श्रृंखला के माध्यम से छत्तीसगढ़ समेत देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच देने और कलाकारों व दर्शकों के बीच जीवंत सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कला प्रेमियों से शामिल होने की अपील
संस्कृति विभाग ने कला और संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में शामिल होने का आह्वान किया है। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रायपुर में बारिश की प्राकृतिक खूबसूरती को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की कलात्मकता से जोड़ने वाला खास अनुभव पेश करेगा।
अगर आप बारिश के मौसम में कुछ अलग और सांस्कृतिक अनुभव लेना चाहते हैं, तो 21, 22, 24 और 25 अगस्त की शाम 7 बजे मुक्ताकाशी मंच आपके लिए खास जगह हो सकती है।

