नेपाल की तबाही में 24 गुजराती लापता, अब अपनों की पहचान के लिए उठाया गया बड़ा कदम… गांधीनगर से रवाना हुई खास टीम
Subtitle: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए आनंद के दंपत्ति समेत कई पर्यटक संपर्क से बाहर, पीड़ितों की पहचान के लिए NFSU के 10 विशेषज्ञ नेपाल पहुंचेगे

नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने कई भारतीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। इस तबाही के बीच गुजरात के करीब 24 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। अपनों की तलाश में परिजन लगातार उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसी बीच लापता और आपदा प्रभावित लोगों की वैज्ञानिक तरीके से पहचान करने के लिए गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) से 10 सदस्यों की एक विशेष टीम नेपाल के लिए रवाना हो गई है।
यह टीम डॉ. भार्गव पटेल के नेतृत्व में नेपाल पहुंचेगी और जरूरत पड़ने पर आपदा में प्रभावित या मृत लोगों की पहचान करने में स्थानीय प्रशासन की मदद करेगी। टीम में शामिल विशेषज्ञों को फॉरेंसिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव भी है। उन्हें अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ फॉरेंसिक मामलों में काम करने का अनुभव बताया गया है।
24 गुजराती पर्यटकों से टूटा संपर्क
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में संचार और आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी वजह से गुजरात से नेपाल घूमने गए करीब 24 लोगों का अपने परिवारों से संपर्क टूट गया है।
प्रशासन और नेपाल में मौजूद भारतीय अधिकारी लगातार इन पर्यटकों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। हालांकि इस बीच अमरेली के एक पर्यटक से संपर्क होने की खबर ने कुछ राहत दी है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक अमरेली का पर्यटक सुरक्षित है और उसकी अपने परिवार से बातचीत भी हो चुकी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला दंपत्ति भी लापता
इस प्राकृतिक आपदा के बीच आनंद जिले के विमल पटेल और उनकी पत्नी जैमीना पटेल के लापता होने की खबर ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक दोनों 16 अगस्त को ‘नमस्ते नेपाल टूर एंड ट्रेवल्स’ के जरिए नेपाल घूमने गए थे। इसके बाद दोनों कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए और चीन का वीजा हासिल करने की प्रक्रिया में थे।
परिजनों के मुताबिक उनसे आखिरी बार पिछले रविवार को फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद से दोनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार लगातार उनके सुरक्षित होने की उम्मीद कर रहा है।
अब वैज्ञानिक तरीके से होगी पहचान
लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ आपदा में प्रभावित लोगों की पहचान भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी को देखते हुए NFSU की विशेषज्ञ टीम को नेपाल भेजा गया है।
टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरत के मुताबिक वैज्ञानिक और फॉरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगी। इससे उन लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जिनकी पहचान आपदा के बाद मुश्किल हो गई है।
भारतीय दूतावास और प्रशासन भी जुटा
नेपाल में फंसे भारतीयों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ भारतीय दूतावास भी लगातार संपर्क में है। राहत और बचाव अभियान के बीच लापता गुजराती पर्यटकों के परिजन हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।
एक तरफ राहत की उम्मीद जगाने वाली खबरें सामने आ रही हैं, तो दूसरी तरफ कई परिवार अभी भी अपनों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं। गांधीनगर से रवाना हुई NFSU की टीम के नेपाल पहुंचने के बाद लापता लोगों की पहचान और स्थिति को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।



