पटना के पुनपुन में बाढ़ का कहर! दो जगह बांध कटने से मचा हड़कंप, गांवों में घुसा पानी… स्कूल भी डूबा
पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से बखरी और दरियापुर में बांध कटने की सूचना है। गौरीचक प्रखंड के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि कई इलाकों में घरों और रास्तों पर एक फीट से अधिक पानी भर गया है।

पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे पुनपुन इलाके में बाढ़ ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच बखरी और दरियापुर में बांध कटने की सूचना सामने आई है। इसके बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है। पुनपुन से सटे कई इलाके पहले से ही जलमग्न हैं और लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
गुरुवार, 3 सितंबर को इलाके का जायजा लेने पहुंची टीम के सामने बाढ़ की भयावह तस्वीरें सामने आईं। कई गांवों में पानी भर चुका है, खेत डूब गए हैं और लोगों को आने-जाने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सैकड़ों गांव पानी में, हजारों एकड़ फसल बर्बाद
गौरीचक प्रखंड में पुनपुन नदी के बढ़ते पानी ने सैकड़ों गांवों को प्रभावित किया है। ग्रामीणों के मुताबिक, हजारों एकड़ में लगी धान और सब्जियों की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो चुकी है।
पटना-गया मुख्य सड़क से बाकर चौक जाने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने बाढ़ से निपटने को लेकर किए गए सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए हैं।
सांसद रविशंकर प्रसाद से भी ग्रामीण नाराज
गौरीचक प्रखंड की अलावलपुर पंचायत के ग्रामीणों में स्थानीय विकास को लेकर नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद द्वारा पंचायत को गोद लिए जाने के बावजूद इलाके में अपेक्षित विकास नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क को पहले ऊंचा कर दिया जाता और पुलिया का निर्माण हो जाता तो बाढ़ के पानी से नुकसान कम हो सकता था। साथ ही लोगों को आने-जाने में भी इतनी परेशानी नहीं होती।
स्कूल में घुसा डेढ़ फीट से ज्यादा पानी
पुनपुन प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पलाकी गांव में स्थित माध्यमिक उच्च विद्यालय भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। स्कूल परिसर में डेढ़ फीट से अधिक पानी जमा होने की बात सामने आई है।
बच्चों को पानी के बीच स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है। शिक्षकों के मुताबिक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से निर्देश दिया गया है कि यदि पानी का स्तर और बढ़ता है तो स्कूल बंद कर दिया जाए।
बताया गया कि गुरुवार को बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
घरों और रास्तों में भी भरा पानी
बाढ़ का असर सिर्फ खेतों और स्कूलों तक सीमित नहीं है। इलाके के कई घरों और आने-जाने वाले रास्तों पर एक फीट से अधिक पानी जमा है।
मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीण ऊंची जगहों का सहारा ले रहे हैं। कई परिवारों ने पानी बढ़ने के कारण घरों की छतों का सहारा लिया है।
‘अभी तक प्रशासन देखने नहीं आया’
ग्रामीणों का आरोप है कि हालात बिगड़ने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंची है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते पानी के बीच उन्हें खुद ही सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ रही है।
बखरी और दरियापुर में बांध कटने की सूचना के बाद आसपास के इलाकों में चिंता और बढ़ गई है। अगर पुनपुन नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की राहत और बचाव कार्रवाई पर है, जबकि जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।



