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हरियाणा: मोबाइल डेटा से पकड़ा गया 10 मर्डर का आरोपी बॉक्सर:अमेरिका पहुंच जाता, तो बच जाता; कैसे अपनी ही गलती से फंस गया

हरियाणा के सोनीपत जिले के गनोर गांव का दीपक सिर्फ 15 साल की उम्र में बॉक्सिंग की 57 किलो कैटेगरी में जूनियर नेशनल चैंपियन बन गया था। दीपक के घरवाले, दोस्त और कोच सभी को लगता था कि वो ओलिंपिक में गोल्ड लाएगा। यही दीपक आगे चलकर गोगी गैंग का सरगना दीपक बॉक्सर बना। उस पर 10 मर्डर का आरोप है।

इस गैंगस्टर को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने 8 महीने ऑपरेशन चलाया। FBI, इंटरपोल और मैक्सिकन पुलिस जैसी 10 एजेंसियों ने साथ मिलकर 24 मार्च को उसे मैक्सिको में पकड़ लिया। फिर 5 अप्रैल को इसे भारत लाया गया। दीपक अमेरिका जाने की कोशिश कर रहा था, ताकि भारतीय एजेंसियों से बच सके।

दीपक पर फिरौती, हत्या, अपहरण के 10 मामले दर्ज हैं। उस पर तीन राज्यों की पुलिस ने 5 लाख रुपए का इनाम रखा था। 15 अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट ने दीपक को 14 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पासपोर्ट, मोबाइल डेटा से फंसा दीपक बॉक्सर
दीपक बॉक्सर ने भारत से भागने के लिए मुरादाबाद के रहने वाले रवि अंतिल के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। 19 दिसंबर 2022 को उसका पासपोर्ट जारी हुआ था। वो पहले कोलकाता गया, 6 जनवरी 2023 को वहां से निकला और ‘डॉन्की रूट’ यानी गैरकानूनी तरीके से 29 जनवरी को मैक्सिको पहुंच गया।

सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए वह मैक्सिको का मोबाइल नंबर चला रहा था। उसने ये नंबर किसी शख्स की ओरिजिनल ID पर लिया था, लेकिन वो फोन से भारत का सिम निकालना भूल गया। उसने भारतीय सिम से डेटा इस्तेमाल किया और यही गलती उसे भारी पड़ी।

10 लोगों के ग्रुप के साथ 50 लाख खर्च कर मैक्सिको पहुंचा
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि दीपक बॉक्सर 10 लोगों के ग्रुप के साथ अवैध तरीके से मैक्सिको में घुसा था। वहां उसे पता लगा कि उसके चचेरे भाई को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पकड़ लिया है। इसके बाद दीपक बॉक्सर लखविंदर नाम के एक शख्स के साथ ग्रुप से अलग हो गया।

लखविंदर ने मैक्सिको जाते समय भारत में इंटरनेशनल रोमिंग का डेटा पैकेज लिया था। वहां वह भारतीय मोबाइल नंबर चला रहा था। इसी दौरान दीपक ने अपने नंबर से लखविंदर को हॉट-स्पॉट शेयर किया। भारतीय इंटरनेट का इस्तेमाल करने से स्पेशल सेल को उसकी सही लोकेशन मिल गई।

दीपक बॉक्सर ने जिस ट्रैफिकिंग नेटवर्क की मदद ली, उसमें पुलिस के भी मुखबिर थे। उसकी लोकेशन कन्फर्म हुई, तो लोकल अथॉरिटीज को जानकारी दी गई। दिल्ली पुलिस ने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI से भी संपर्क किया। FBI की मदद से मैक्सिको की पुलिस ने दीपक को अरेस्ट कर लिया।

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