पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत करीब 1.50 करोड़ क्विंटल चावल जिसकी बाजार की कीमत 5127 करोड़ होगी, के घोटाले का आरोप लगाया था. इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल चिट्ठी लिखी थी. इसके आधार पर जांच करने के लिए केंद्र सरकार की टीम आई है. टीम के सदस्य केंद्र सरकार द्वारा अब तक जो चावल उपलब्ध कराया गया है, उसके आबंटन व वितरण की जानकारी खंगाल रहे हैं. इसके अलावा राज्य सरकार की योजनाओं के तहत जो चावल का वितरण किया जाता है, उसकी की जानकारी लेकर मिलान करेंगे. सूत्रों के मुताबिक कुछ चुनिंदा राशन दुकानों में जाकर भी अधिकारी गड़बड़ी की जांच करने की कोशिश करेंगे.
क्या था शिकायत में
पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह अपनी शिकायत में लिखा था कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राज्य के 11 लाख 53 हजार 380 क्विंटल चावल हर महीने अप्रैल 2020 से राज्य सरकार को आबंटित किया जा रहा है. अप्रैल 2020 से दिसंबर 2022 तक केंद्र सरकार द्वारा 3 करोड़ 80 लाख 61 हजार 540 क्विंटल चावल का वितरण किया गया है. इसी अवधि में राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों को 2 करोड़ 29 लाख 80 हजार 711 क्विंटल चावल का वितरण किया गया है. इसी तरह एक करोड़ 50 लाख 80 हजार 829 क्विंटल चावल का वितरण नहीं किया गया.

पूर्व सीएम ने माहवार चावल के वितरण की जानकारी भी भेजी थी. बता दें कि इस मुद्दे पर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी भाजपा ने मुद्दा उठाया था.