बस्तर के इस दूरदराज़ गांव में हुआ ऐसा चमत्कार… गंभीर बीमारी से जूझ रहे मासूम को मिला नया जीवन, WHO भी रह गया प्रभावित
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत समय पर पहचान और इलाज से नेफ्रोटिक सिंड्रोम पीड़ित बच्चे की बची जान, डोडीतुमनार में स्वास्थ्य सेवाओं की WHO ने की सराहना।

रायपुर।
बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित डोडीतुमनार गांव से स्वास्थ्य सेवाओं की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान (एमएसबीए) के तहत समय पर बीमारी की पहचान और विशेषज्ञ इलाज से नेफ्रोटिक सिंड्रोम से पीड़ित एक मासूम बच्चे को नया जीवन मिला है। इस सफलता की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम ने भी सराहना की है।
राज्य स्तरीय अधिकारियों और दिल्ली से पहुंची WHO की टीम ने डोडीतुमनार में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। टीम ने दुर्गम और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए इसे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रभावी मॉडल बताया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने गांव के निवासी सोमलू मड़ियाम और उनके परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत हुई स्क्रीनिंग में उनके बच्चे में समय रहते नेफ्रोटिक सिंड्रोम की पहचान हुई थी। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी, नियमित उपचार और लगातार फॉलो-अप के कारण बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। WHO टीम ने इसे समय पर जांच और प्रभावी उपचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
स्वास्थ्य शिविर में कुल 116 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इस दौरान मलेरिया जांच, बुखार, सर्दी-खांसी, दर्द, खुजली, उल्टी-दस्त जैसी सामान्य बीमारियों का इलाज किया गया। साथ ही बच्चों का नियमित टीकाकरण, आवश्यक दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य परामर्श और अन्य जरूरी चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
WHO टीम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान जैसे प्रयास दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपने गांव के पास ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से अधिक सशक्त हो रही है।
शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला टीकाकरण अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, मितानिन सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
