“मोबाइल गेम के बहाने करोड़ों का खेल! दुर्ग में म्यूल अकाउंट गैंग का भंडाफोड़… कहीं आपका अकाउंट तो इस्तेमाल नहीं हुआ?”
ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहा था खतरनाक जाल, 11 आरोपी गिरफ्तार—पुलिस ने जारी की बड़ी चेतावनी

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध पैसों का बड़ा खेल चला रहा था। इस पूरे नेटवर्क में “म्यूल अकाउंट” का इस्तेमाल कर करोड़ों के लेन-देन किए जा रहे थे।
थाना पदमनाभपुर और मोहन नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
शिकायत से खुला पूरा राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब भिलाई निवासी अविनाश दुबे ने 30 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य दस्तावेज अपने पास रख रहे हैं और इनका इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग के जरिए अवैध ट्रांजैक्शन में किया जा रहा है।
इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी विश्लेषण के जरिए कई संदिग्ध बैंक खातों को ट्रैक किया।
कैसे काम करता था ये खतरनाक गैंग?
जांच में सामने आया कि आरोपी लोग कमीशन और लालच देकर आम लोगों से उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। फिर इन्हीं खातों को “म्यूल अकाउंट” बनाकर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध पैसों का लेन-देन किया जाता था।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अहम चीजें बरामद की हैं, जिनमें शामिल हैं—
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08 मोबाइल फोन
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विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड
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आधार कार्ड, पैन कार्ड
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बैंक से जुड़े दस्तावेज
ये सभी चीजें अवैध ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल की जा रही थीं।
पुलिस की सख्त चेतावनी
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी हालत में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक या ओटीपी किसी को न दें। थोड़े से लालच में आकर ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
साइबर अपराध पर लगातार नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिले में साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस ऑपरेशन में साइबर टीम की अहम भूमिका रही और आगे भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

