छत्तीसगढ़

“चोर समझकर की थी पिटाई… मौत बन गई सजा! 5 गार्डों को उम्रकैद, 3 साल बाद आया खौफनाक फैसला”

बेगुनाही की गुहार लगाता रहा युवक, बेरहमी से पीटकर तोड़ दिए अंदरूनी अंग—अब कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा

रायपुर। तीन साल पहले हुई एक दिल दहला देने वाली घटना में आखिरकार न्याय का फैसला आ गया है। रायपुर कोर्ट ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

यह पूरा मामला आंबेडकर अस्पताल से जुड़ा है, जहां तैनात पांच सुरक्षा गार्डों ने एक युवक को चोर समझकर इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई।

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पंकज सिन्हा की अदालत में हुई। अतिरिक्त लोक अभियोजक पूजा मोहिते के अनुसार, कोर्ट ने रोहित कुमार कुशवाहा की हत्या के आरोप में सुभाषचंद्र यादव, भूपेंद्र मिश्रा, त्रिलोकी साहू, जयनारायण सिंह और योगेंद्र मिश्रा को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

पुलिस केस डायरी के अनुसार, रोहित अस्पताल के पास स्थित फिजियोथेरेपी कॉलेज के आसपास घूम रहा था। तभी गार्डों ने उसे पकड़ लिया और बिना किसी ठोस सबूत के चोर समझकर उसकी पिटाई शुरू कर दी।

रोहित बार-बार अपनी बेगुनाही की गुहार लगाता रहा, लेकिन गार्डों ने उसे रस्सी से बांधकर डंडों और लातों से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके शरीर के अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने बताया था कि रोहित काम की तलाश में रायपुर आया था और कई दिनों से भूखा-प्यासा भटक रहा था। बिना किसी पूछताछ के सुरक्षा कर्मियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।

घटना के बाद आरोपियों ने खुद थाने में सूचना दी थी, लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया।

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