
जशपुर जिले के वन क्षेत्र से एक ऐसी कार्रवाई सामने आई है, जिसने जंगलों के भीतर चल रही संदिग्ध गतिविधियों की परतें खोल दी हैं। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो वहां जो नजारा मिला उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया।
जानकारी के अनुसार, वन क्षेत्र के भीतर अवैध रूप से बोरवेल खनन किया जा रहा था। यह गतिविधि न केवल कानून का उल्लंघन थी, बल्कि इससे पर्यावरण और जैव विविधता को भी गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और कार्रवाई करते हुए काम को वहीं रुकवा दिया।
मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ। वाहन चालक सल्लू राम और गोधन कोमा ने बताया कि वे यह कार्य राजेश यादव, निवासी ग्राम दातुनपानी, के कहने पर कर रहे थे। इस बयान के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रकों को जब्त किया है, जिनके नंबर सीजी 22 एफ 7660 और सीजी 22 एफ 7659 बताए जा रहे हैं। दोनों वाहनों को वन आवासीय परिसर सन्ना में सुरक्षित रखा गया है। मामले में वन अपराध के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
इस घटना के बाद वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन या बोरवेल खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधियां नजर आएं, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। क्योंकि जंगल के अंदर चल रहा हर ऐसा खेल सिर्फ कानून नहीं तोड़ता, बल्कि प्रकृति के संतुलन को भी खतरे में डाल देता है।


