गंभीरा पुल हादसे के बाद जागी गुजरात सरकार, नर्मदा नहर के ये खतरनाक 5 पुल किए बंद, 36 और की होगी मरम्मत

Gujarat News: गुजरात में 9 जुलाई 2025 को गंभीरापुर गांव के पास महीसागर नदी पर बने गंभीरा पुल के गिर जाने की दुखद घटना के बाद सरकार अब जाग उठी है। गुजरात सरकार ने राज्य भर में खतरनाक पुलों को बंद करने और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने का फैसला किया है।
नर्मदा नहर नेटवर्क पर बने पुल भारी यातायात और मौसम की मार के कारण जर्जर हो गए हैं।
निरीक्षण के दौरान नर्मदा नहरों पर बने पांच पुलों को वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद बंद कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, चार अन्य पुलों पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है और 36 पुलों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया संबंधित जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से 36 अन्य पुलों की मरम्मत का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ये सभी पुल नर्मदा नहर नेटवर्क का हिस्सा हैं।
यह निर्णय नर्मदा नहर के पुलों की गहन जांच के दौरान लिया गया। सरकार ने गुणवत्ता जांच और बुनियादी ढांचे पर नागरिकों से सुझाव लेने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देशानुसार, भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए सड़कों और पुलों की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
नर्मदा चैनल पर किन 5 पुलों को किया गया बंद?
नर्मदा चैनल पर बने पांच पुल जो आवागमन के लिए खतरनाक हो चुके हैं उन पांच पुलों को बंद किया गया है। बंद किए गए पुलों में से दो मोरबी जिले में हैं।
- मोरबी जिले में मालिया शाखा नहर पर अजितगढ़-घण्टीला गांव को जोड़ता पुल
- मोरबी में मालिया शाखा नहर पर, NH-151A व मच्छु नदी के बीच स्थित पुल
- सुरेंद्रनगर जिले में सौराष्ट्र शाखा नहर पर ढांकी-छराड गांव के पास पुल
- सुरेंद्रनगर में सौराष्ट्र शाखा नहर पर लिखा-वाना गांव के पास पुल
- सुरेंद्रनगर, वडावान तालुका में सौराष्ट्र शाखा नहर पर बाला-बाला फार्म के पास पुल
सरकार चला रही 2,110 पुलों का निरीक्षण अभियान
सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (SSNNL) के अनुसार, इस नहर नेटवर्क पर लगभग 2,110 पुल हैं जो राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा गांवों की सड़कों को जोड़ते हैं। SSNNL ने इन पुलों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने, संभावित नुकसान को रोकने और इनके जीवनकाल को बढ़ाने के लिए एक निरीक्षण अभियान चलाया था।
वडोदरा गंभीरा पुल हादसे में 20 लोगों की हुई थी मौत
गौरतलब है कि 9 जुलाई को, आनंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाले गंभीरा गांव के पास 40 साल पुराने एक पुल का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे कई वाहन माहीसागर नदी में गिर गए थे। इस हादसे में कम से कम 20 लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री पटेल ने राज्य भर में चल रहे सड़क और पुल मरम्मत कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता जांच करने और नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता देने के लिए कहा है।



