नशे के कारोबार का विरोध पड़ा भारी! शिक्षक पर जानलेवा हमला, खून से लथपथ हालत में पहुंचाया अस्पताल
चंदखुरी में अवैध शराब और गांजा बिक्री का विरोध करने पर हमला करने का आरोप, ईंट और नुकीली वस्तु से किया वार; पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच।

अण्डा। दुर्ग जिले के ग्राम चंदखुरी में अवैध शराब और गांजा बिक्री का विरोध करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। आरोप है कि नशे के कारोबार से जुड़े दो युवकों ने शिक्षक नरसिंग बारले पर बीच सड़क जानलेवा हमला कर दिया। ईंट और नुकीली वस्तु से किए गए हमले में शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
स्कूल से लौटते समय रोका, फिर किया हमला
एफआईआर के अनुसार, 17 जुलाई की शाम करीब 5 बजे शिक्षक नरसिंग बारले स्कूल से मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे चंदखुरी के राम मंदिर, पुराना बाजार चौक के पास पहुंचे, वहां मौजूद वासु बारले और यीशु निर्मलकर ने उन्हें रोक लिया।
पीड़ित का आरोप है कि दोनों ने पहले शराब पीने के लिए पैसे मांगे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और ईंट के टुकड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के दौरान नुकीली वस्तु से नाक के पास भी वार किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और काफी खून बहने लगा।
अवैध शराब और गांजा बिक्री का कर रहे थे विरोध
शिक्षक का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब और गांजा का कारोबार चल रहा है। इसकी वजह से आए दिन मोहल्ले में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, गाली-गलौज और हुड़दंग होता है, जिससे स्थानीय लोग और बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने इस अवैध कारोबार को बंद कराने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत भी की थी। उनका आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उन पर हमला किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़ित शिक्षक ने अपनी पत्नी और भाई के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर में घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में रमेश देशमुख, डोमन सिन्हा, धन बघेल और संजय बघेल का भी उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में अवैध शराब और गांजा कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।


